April Fool 2018: जानिए क्या है अप्रैल फूल का इतिहास और कहां से हुई इसकी शुरुआत?

April Fool,April Fool 2018
April Fool 2018: जानिए क्या है इसका इतिहास और क्यों बनाते हैं इस दिन सबको मूर्ख?

लखनऊ। आज एक अप्रैल है जिसे अंतर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस(अप्रैल फूल) के रूप में मनाया जाता है। अप्रैल फूल डे पश्चिम देशों में हर साल अप्रैल की पहली तारिख को मनाया जाता है। अप्रैल की पहली तारीख(1st april) पर ज़्यादातर सभी लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को मूर्ख बनाकर मजाक करते हैं। कोई फनी जोक्स और एसएमएस भेजता है तो कोई अपने दोस्तों को फूल बनाते हैं। बचपन से लेकर बड़े होने तक आपने भी कई लोगों को अप्रैल फूल बनाया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत कब और कहा से हुई? इतिहासकार इस दिन के बारे में पुख्ता तौर पर तो कोई एक बात नहीं कहते लेकिन कई मजेदार किस्सों को इस दिन की वजह बताया गया है जिसे अप्रैल फूल की उपज बताया जाता है।

April Fool 2018 History Of April Fools Day And Why It Is Celebrated :

1582, में पोप ग्रीगरी XIII ने नया साल, मार्च महीने के अंत के बजाए 1 जनवरी से मनाने का ऐलान किया था। इस बदलाव के बाद भी यूरोप में कई लोग पुराने जूलियन कैलेंडर के अनुसार ही नया साल मना रहे थे क्योंकि उन्हें शायद इसकी जानकारी नहीं थी या फिर वे इसे अपनाना नहीं चाहते थे। ऐसे में जिन्होंने नया कैलेंडर अपनाया, उन्होंने उन लोगों को ‘फूल’ यानी मूर्ख कहना शुरू कर दिया था जो पुराने कैलेंडर के हिसाब से चल रहे थे। कैलेंडर का यह बदलाव फ्रांस से शुरू हुआ था। हालांकि नया कैलेंडर दुनियाभर के देशों ने एक बार में ही नहीं अपना लिया गया था। इंग्लैंड ने इसे 1752 में अपनाया था। ऐसे ही 1 अप्रैल 1860 की कहानी बहुत मशहूर है। इस दिन लंदन के हजारों लोगों के घरों में पोस्ट कार्ड भेजकर यह सूचना दी गई कि आज शाम को टॉवर ऑफ लंदन में सफेद गधों को स्नान कराया जाएगा। आप सभी देखने के लिए आ सकते हैं, यह सब देखने के लिए कार्ड जरुर लेकर आएं। लेकिन उन दिनों किन्हीं कारणों की वजह से टॉवर ऑफ लंदन बंद था।

दूसरा 1 अप्रैल 1915 का है। जर्मनी के लिले हवाईअड्डा पर एक ब्रिटिश पायलट ने विशाल बम फेंका। इसको देखकर लोग इधर-उधर भागने लगे, देर तक लोग छुपे रहे। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई धमाका नहीं हुआ तो लोगों ने वापस लौटकर इसे देखा। जहां एक बड़ी फुटबॉल थी, जिस पर अप्रैल फूल लिखा हुआ था। साल 1945 में अप्रैल के पहले ही सप्ताह को अमेरिका की कौतुक समिति नामक संस्था ने राष्ट्रीय हास्य सप्ताह मनाने का फैसला किया। इसी तरह से और भी कई किस्से और कहानियां हैं। खैर, तो अब आप जानते हैं कि अप्रैल फूल की उपज आखिर क्या है!

लखनऊ। आज एक अप्रैल है जिसे अंतर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस(अप्रैल फूल) के रूप में मनाया जाता है। अप्रैल फूल डे पश्चिम देशों में हर साल अप्रैल की पहली तारिख को मनाया जाता है। अप्रैल की पहली तारीख(1st april) पर ज़्यादातर सभी लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को मूर्ख बनाकर मजाक करते हैं। कोई फनी जोक्स और एसएमएस भेजता है तो कोई अपने दोस्तों को फूल बनाते हैं। बचपन से लेकर बड़े होने तक आपने भी कई लोगों को अप्रैल फूल बनाया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत कब और कहा से हुई? इतिहासकार इस दिन के बारे में पुख्ता तौर पर तो कोई एक बात नहीं कहते लेकिन कई मजेदार किस्सों को इस दिन की वजह बताया गया है जिसे अप्रैल फूल की उपज बताया जाता है।1582, में पोप ग्रीगरी XIII ने नया साल, मार्च महीने के अंत के बजाए 1 जनवरी से मनाने का ऐलान किया था। इस बदलाव के बाद भी यूरोप में कई लोग पुराने जूलियन कैलेंडर के अनुसार ही नया साल मना रहे थे क्योंकि उन्हें शायद इसकी जानकारी नहीं थी या फिर वे इसे अपनाना नहीं चाहते थे। ऐसे में जिन्होंने नया कैलेंडर अपनाया, उन्होंने उन लोगों को ‘फूल’ यानी मूर्ख कहना शुरू कर दिया था जो पुराने कैलेंडर के हिसाब से चल रहे थे। कैलेंडर का यह बदलाव फ्रांस से शुरू हुआ था। हालांकि नया कैलेंडर दुनियाभर के देशों ने एक बार में ही नहीं अपना लिया गया था। इंग्लैंड ने इसे 1752 में अपनाया था। ऐसे ही 1 अप्रैल 1860 की कहानी बहुत मशहूर है। इस दिन लंदन के हजारों लोगों के घरों में पोस्ट कार्ड भेजकर यह सूचना दी गई कि आज शाम को टॉवर ऑफ लंदन में सफेद गधों को स्नान कराया जाएगा। आप सभी देखने के लिए आ सकते हैं, यह सब देखने के लिए कार्ड जरुर लेकर आएं। लेकिन उन दिनों किन्हीं कारणों की वजह से टॉवर ऑफ लंदन बंद था।दूसरा 1 अप्रैल 1915 का है। जर्मनी के लिले हवाईअड्डा पर एक ब्रिटिश पायलट ने विशाल बम फेंका। इसको देखकर लोग इधर-उधर भागने लगे, देर तक लोग छुपे रहे। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई धमाका नहीं हुआ तो लोगों ने वापस लौटकर इसे देखा। जहां एक बड़ी फुटबॉल थी, जिस पर अप्रैल फूल लिखा हुआ था। साल 1945 में अप्रैल के पहले ही सप्ताह को अमेरिका की कौतुक समिति नामक संस्था ने राष्ट्रीय हास्य सप्ताह मनाने का फैसला किया। इसी तरह से और भी कई किस्से और कहानियां हैं। खैर, तो अब आप जानते हैं कि अप्रैल फूल की उपज आखिर क्या है!