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क्या छत्तीसगढ़ में तेजी से घट रहे है कोरोना के मरीज?

Are Corona Patients Rapidly Decreasing In Chhattisgarh

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में एक ओर जहां कोविड-19 के रोज दर्जनों नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण के 10 केस ही अब तक सामने आए और इनमें से 9 मरीज ठीक हो चुके हैं। यानी राज्य अब तक मिले कोविड-19 के संक्रमित मरीजों में 90 फीसदी ठीक हो चुके हैं। इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा चुका है।

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5 अप्रैल की शाम को राज्य सरकार द्वारा जारी कोरोना मेडिकल बुलेटिन में जानकारी दी गई कि कोविड-19 के 2 संक्रमित मरीजों का ही इलाज अब किया जा रहा है, तो बाकी को डिस्चार्ज किया जा चुका है। 5 अप्रैल को ही 4 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद 6 अप्रैल को एक और मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नए मामले भी सामने नहीं आए हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला केस 18 मार्च 2020 को रजिस्टर्ड किया गया था। इसके बाद 3 अप्रैल तक कुल 10 पॉजिटिव केस मिले। 5 अप्रैल तक ही उनमें से 8 डिस्चार्ज हो चुके थे। इसके बाद से सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें लोग मुख्यमंत्री व राज्य सरकार को बधाई दे रहे हैं और छत्तीसगढ़ के तेजी से कोरोना फ्री जोन की ओर बढ़ने का दावा कर रहे हैं। कोविड 19 संक्रमित प्रदेश का 9वां मरीज 6 अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया।

3 प्रतिशत संदिग्धों की भी जांच नहीं

राज्य सरकार द्वारा 5 अप्रैल को जारी कोरोना बुलेटिन में बताया गया कि अब तक राज्य में 1949 कोविड-19 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई। इनमें से 1888 की रिपोर्ट निगेटिव, 10 की पॉजिटिव व बाकी की जांच रिपोर्ट आनी बाकी थी। यानी राज्य में अब तक के कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल संदिग्ध लोगों में से 3 प्रतिशत लोगों के सैंपल की जांच भी नहीं की जा सकी है।

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क्या बढ़ रहे हैं कोरोना फ्री जोन की ओर?

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि ‘जल्दबाजी में यदि कोरोना संक्रमण के फैलने से रोकने के लिए की गई सख्ती खत्म करते हैं तो बहुत ही गलत कदम साबित हो सकता है। क्योंकि अभी तक तो कुल संदिग्धों की जांच की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में कोरोना के रैपिड टेस्ट की व्यावस्था की जा रही है।

टेस्ट के लिए 5 हजार किट और मंगाई गई है। इसके अलावा जांच का दायरा और बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल राज्य सरकार हर स्तर पर कोरोना से लड़ने की तैयारी में है। 10 में से 9 मरीजों का ठीक होना शुभ संकेत है, लेकिन फिलहाल प्रदेश को कोरोना फ्री जोन की ओर बढ़ने की बात कहना भी जल्दबाजी है।’

सीएम ने जताई चिंता

कोरोना संक्रमण के फैलने के खतरे को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने पीएम नरेन्द्र मोदी को खत लिखा है। इसमें उन्होंने 21 दिनों के बाद लॉकडाउन खत्म होने के बाद की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। सीएम भूपेश ने पीएम को भेजे खत में लिखा है- ‘लॉकडाउन के बाद अंतरराज्यीय परिवहन सुविधा खोलने के पहले व्यापक विचार विमर्श और ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता है। यदि एयर सर्विस, ट्रेन या दूसरे संसाधन शुरू होंगे तो दूसरे राज्य के कोविड-19 संक्रमित छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। यही स्थिति दूसरे राज्यों में भी हो सकती है। ऐसे में नई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।’ यानी साफ है कि फिलहाल कोरोना संक्रमण का खतरा प्रदेश में बरकरार है और इसको लेकर राज्य सरकार की चिंता और चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं।  

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