पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया करना चाहती है सेना, सरकार से मांगी अनुमति

नई दिल्ली| जम्मू-कश्मीर के उरी में देश के 17 वीर जवानों की शहादत पर पूरा देश शोक में डूबा है| लोग इस हमले के दोषियों को खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग कर रहे हैं| भारतीय सेना भी इस आतंकी हमले के बाद गुस्से में है| खबर है भारतीय सेना पीओके में घुसकर आतंकियों के खिलाफ कार्यवाई करने का मन बना रही है| इसके लिए भारतीय सेना पाकिस्तान से सटी 778 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल पर तोप और अन्य साजो-सामान की तैनाती चाहती है|




सेना चाहती है कि एलओसी पर भारत की ओर से सैन्य अभियान को चलाया जाए| सेना के एक अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए| अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान आतंकियों को हर संभव मदद मुहैया करवाता है| फिर चाहे वह हथियार मुहैया करवाने की बात हो या प्रशिक्षण देने की| उनका कहना है कि सरकार को पाकिस्तानी सीमा के अंदर सीमित लेकिन कड़े हमले करने की अनुमति देने पर विचार करना चाहिए|

बता दें कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों द्वारा रविवार को निशाना बनाया गया उड़ी का सैन्य शिविर भारत और पाकिस्तान को अलग करने वाली नियंत्रण रेखा से महज 10 किलोमीटर दूर स्थित है| इस जगह काम कर चुके सैन्य अफसरों का कहना है कि इस शिविर के चारों तरफ कोई चारदीवारी नहीं है और यह केवल कंटीले तारों से घिरा हुआ है|




जैश के चारों आतंकी इन्हीं तारों को काटकर शिविर में घुस गए| संतरियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी| सेना की 12 ब्रिगेड के मुख्यालय के पीछे के भाग में स्थित यह प्रशासनिक इकाई है| पीछे का हिस्सा वह जगह होती है जहां बटालियन अपना लॉजिस्टिक उपकरण रखती हैं| हमला उस समय हुआ जब ड्यूटी बदले जाने का समय था। इस समय सुरक्षा में चुस्ती का अनुपात अन्य समयों की तुलना में कुछ कम हो जाता है|