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WhatsApp का सावधानी से इस्तेमाल करें अफसर, नजर रख रही है ISI: सेना

Army Imposes Whatsapp Restrictions After Threat From Pakistani Spy Agencies Isi

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से खतरे के बीच भारतीय सेना ने अपने अफसरों को व्हाट्सएप का सावधानी से इस्तेमाल करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आईएसआई सेना के अधिकारियों के प्रोफाइल की मॉनीटरिंग कर रही हैं। अफसरों से कहा गया है कि वे बड़े व्हाट्सएप ग्रुपों से तुरंत बाहर हो जाएं और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की जानकारी पोस्ट करने से बचें। जरूरत पड़ने पर अफसर अपने करीबी साथियों से छोटे व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए संपर्क कर सकते हैं।

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अफसरों की बातचीत पर नजर रख रही हैं पाक की खुफिया एजेंसियां- सूत्र

आर्मी के सूत्रों के हवाले से बताया कि दुश्मन की खुफिया एजेंसियां वॉट्सऐप ग्रुपों पर बेहद करीब से निगरानी रख रही हैं। वे सैन्य अधिकािरयों और उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही हैं। एजेंसियों ने कुछ ग्रुपों में घुसपैठ भी कर ली है और वे अफसरों के बीच की बातचीत पर भी नजर रख रही हैं।

जांच के लिए मांगे जा सकते हैं फोन

परिजनों को हिदायत दी गई कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सैन्य अफसर से जुड़ी सभी जानकारियां और वर्दी में उसकी फोटो को हटा दें। निर्देशों का पालन किया गया है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए अधिकारियों के फोन भी मांगे जा सकते हैं।

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हाल के दिनों में, ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें दुश्मन के गुर्गों ने महिलाओं के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल कर अधिकारियों को हनीट्रैप किया है और कई महत्वपूर्ण सैन्य जानकारी हासिल की है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को बड़े व्हाट्स एप ग्रुप्स से बाहर आने को कहा है और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की जानकारी शेयर करने से मना किया है।

एक अधिकारी को मेल पर बेटी का वीडियो वायरल करने की दी थी धमकी

सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों को कहा गया है कि यदि आवश्यक हो, तो वह (अधिकारी) अपने करीबी अधिकारियों के साथ छोटे व्हाट्सएप ग्रुप बना सकते हैं, लेकिन उन्हें बड़े व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में, एक वरिष्ठ अधिकारी को संदिग्ध दुश्मन अधिकारियों द्वारा एक ईमेल भेजा गया था और कहा गया कि यदि उसने मेल के लिंक को क्लिक नहीं किया तो उसकी बेटी के वीडियो सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। इस मेल का एकमात्र उद्देश्य उस लिंक पर क्लिक करना था ताकि उसके (अधिकारी के) कंप्यूटर पर वायरस डाल कर उसे हैक किया जा सके।

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