जब महिलाओं और राजनीति से दूर थी सेना तब स्थिति अच्छी हुआ करती थी: सेना प्रमुख

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Army Should Be Kept Out Of Politics Army Chief General Bipin Rawat

नई दिल्ली। सेना प्रमुख विपिन रावत ने बुधवार को दिल्ली के एक कार्यक्रम में बेहद गंभीर बयान दिया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे रावत ने कहा कि सैन्य बलों का राजनीतिकरण होता रहा है, लेकिन सेना को राजनीति और महिलाओं से दूर रखना चाहिए। सुरक्षा बल तभी सबसे अच्छा काम करते हैं, जब वह ऐसे मामलों में नहीं पड़ते। उन्होंने कहा कि जब पहले सेना महिला और राजनीति से दूर थी तो स्थिति अच्छी थी लेकिन हाल के दिनों में ये हालात बदल गए हैं।

सेना प्रमुख ने कहा, ‘सेना बहुत ही धर्मनिरपेक्ष तरीके से काम करती है। हम एक लोकतांत्रिक देश हैं। हमसे राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करने की उम्मीद की जाती है। लेकिन देश के सैन्य बलों का राजनीतिकरण होता रहा है। अगर देश के सुरक्षाबल राजनीति से दूर रहें, तो वे बेहतर काम करेंगे।’ इस बात पर आगे बढ़ाते हुए रावत बोले, ‘पुराने जमाने में सेना में एक नियम था। कभी भी सैनिकों के बीच महिलाओं और राजनीति को लेकर चर्चा नहीं होती थी। लेकिन समय गुजरता गया और यह नियम धुंधला पड़ता गया। आज भी सेना को उस नियम के बारे में विचारना चाहिए। सेना को पूरी कोशिश करनी चाहिए कि वह राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहे।’
महिला और राजनीति से पहले दूर थी सेना
जनरल रावत ने अपने बयान में बताया की सेना पहले महिलाओं और राजनीति से दूर रहा करती थी तो स्थिति अच्छी थी लेकिन आज के दौर में ऐसा नहीं है। यह वाकई में निराशाजनक है। महिलाओं से जुड़े बयान का मतलब पुछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल साफ बयान था। उन्होंने आगे इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

किसी भी मुक़ाबले के लिए तैयार हैं हम
सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का कहना है कि भारतीय सेना हर चुनौती से मुकाबले को तैयार है। सेना की सभी रेजीमेंट्स किसी भी समय, किसी टास्क के लिए सक्षम हैं। कश्मीर के हालात में लगातार सुधार हो रहा है, घाटी में बिगड़े हालात को सुधारने के लिए सेना ऑपरेशन करती रहती है। सेनाध्यक्ष मिलिट्री स्टेशन पर आ‌र्म्ड रेजीमेंट्स का सम्मान करने के कहा कि आतंकवाद खत्म करने के लिए सेना पूरी तरह से सक्षम है।

नई दिल्ली। सेना प्रमुख विपिन रावत ने बुधवार को दिल्ली के एक कार्यक्रम में बेहद गंभीर बयान दिया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे रावत ने कहा कि सैन्य बलों का राजनीतिकरण होता रहा है, लेकिन सेना को राजनीति और महिलाओं से दूर रखना चाहिए। सुरक्षा बल तभी सबसे अच्छा काम करते हैं, जब वह ऐसे मामलों में नहीं पड़ते। उन्होंने कहा कि जब पहले सेना महिला और राजनीति से दूर थी तो स्थिति अच्छी थी लेकिन हाल के दिनों में…