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सुपोषण व पर्यावरण के लिए काम करेगी आरोग्य भारती : डा. अशोक वार्ष्णेय

आरोग्य भारती की अखिल भारतीय प्रतिनिधि मण्डल की बैठक रविवार को कानपुर रोड स्थित सीएमएस में संपन्न हुई। दो दिवसीए बैठक में आगामी कार्यक्रम व कार्य विस्तार को लेकर चर्चा की गयी।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ । आरोग्य भारती की अखिल भारतीय प्रतिनिधि मण्डल की बैठक रविवार को कानपुर रोड स्थित सीएमएस में संपन्न हुई। दो दिवसीए बैठक में आगामी कार्यक्रम व कार्य विस्तार को लेकर चर्चा की गयी।

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समापन सत्र को संबोधित करते हुए आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डा. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि इस वर्ष हमें सुपोषण व पर्यावरण के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्या के निराकरण के लिए जो भी जन आवश्यक कार्य होंगे वह आरोग्य भारती करेगी। जैसे पंजाब,हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नशा खोरी की समस्या है। इसलिए वहां पर हमें बड़े पैमाने पर व्यसन मुक्ति के लिए काम करना होगा।

 

कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए डा. अशोक ने कहा कि सेवा भाव से हमारा काम चलता है। सेवा का भाव समर्पण से आता है। आरोग्य भारती ने जिस लक्ष्य को लेकर काम शुरू किया उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उसका प्रभाव भी समाज में दिख रहा है। सभी 40 प्रान्तों में आरोग्य भारती की सक्रिय इकाइयां हैं। कोरोना कालखण्ड में सेवा कार्यों के कारण कार्य का विस्तार और प्रभाव दिखाई पड़ा।

उन्होंने कहा कि हमें अपनी कार्य की गति बढ़ाने की आवश्यकता है। छूटे हुए जिलों को कार्ययुक्त करते हुए खण्ड व तहसील स्तर तक अपनी समिति बनानी है और स्वास्थ्य का माडल समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

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डा. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि आरोग्य भारती की धारणा है कि सभी चिकित्सा पद्धतियों की अपनी-अपनी विशेषताएं और सीमाएं भी हैं सभी एक दूसरे के प्रतिस्पर्धी न होकर पूरक हैं। इसलिए आरोग्य भारती सभी को सम्मान के भाव से देखती है। यही कारण है कि आरोग्य भारती में सभी प्रकार के चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सक जुड़ रहे हैं।
आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राकेश पंडित ने कहा कि नशाखोरी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। नशा करने से मस्तिष्क की रासायनिक प्रक्रियाएं दूषित हो जाती हैं। इससे व्यक्ति के व्यवहार, विचार, मनोभाव, संवेदनाएं ,एकाग्रता व बुद्धि विवेक क्षमता आदि का ह्रास होता है। जागरूकता के माध्यम से ही नशाखोरी की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।

आरोग्य भारती के कार्यकारी अध्यक्ष डा. बीएन सिंह ने कहा कि जीवनशैली का प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। विकृत जीवनशैली के कारण जीवनशैली जनित रोग हो रहे हैं। इसलिए सबसे पहले हमें अपनी जीवनशैली को सुधारना है ताकि हम हमारा परिवार,समाज व राष्ट्र स्वस्थ रहे।

कार्यक्रम को आरोग्य भारती के संरक्षक डा. प्रवीण भावसार, राष्ट्रीय महासचिव डा. सुनील जोशी और भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग के अध्यक्ष वैद्य जयंत देव पुजारी ने संबोधित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव आरोग्य भारती डा. प्रशांत गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव डा. टी.एन. मंजुनाथन,क्षेत्र के सह संयोजक डा. संग्राम सिंह,अवध प्रान्त के संगठन सचिव डा. सुनील अग्रवाल, प्रान्त सचिव डा. इन्द्रेश सिंह,आरोग्य भारती के लखनऊ महानगर अध्यक्ष डा. एस.एन.शंखवार और लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष डा. रमेश चन्द्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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