अर्थी छोड़ मीडिया को बाइट देने लगे मंत्री जी, साथ ही शवयात्रा भी रुकवायी

भोपाल। छिंदवाड़ा के बारगी सहकारी समिति केंद्र में केरोसिन वितरण के दौरान आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गयी। इसके बाद मौके का जायजा लेने कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन पहुंचे। इस दौरान वे शवयात्रा में शामिल हुए जहां उन्होने अपने कारनामे की वजह से नया विवाद पैदा कर दिया। दरअसल मंत्री जी विवादों में तब घिर गए जब उन्होंने मीडिया को बाइट देने के लिए शवयात्रा को रोका, साथ ही अर्थी भी छोड़ दी। जिसके बाद मंत्री जी की चौतरफा आलोचना होने लगी।



बताते चले कि शुक्रवार को छिंदवाड़ा के हर्रई के बारगी सहकारी समिति केंद्र में केरोसिन वितरण के दौरान आग लगने से 13 लोग जिंदा जलकर मर गए थे। इनमें 9 पुरुष और 4 महिलाएं भी शामिल थीं। मृतकों में सहकारी समिति केंद्र का प्रबंधक और एक कर्मचारी भी शामिल है। शनिवार को बारगी और बिच्छुआ दो गांवों में सुबह करीब 11.30 बजे अलग-अलग शवयात्रा निकाली गईं। मृतक इन दोनों गांवों के रहने वाले थे।



किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, कलेक्टर जेके जैन और एसपी गौरव तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग बारगी में निकाली गई शवयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान छिंदवाड़ा विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके भी मौजूद थीं। शवयात्रा के दौरान मीडिया को अपनी बाइट देने के चक्कर में मिनिस्टर ने न सिर्फ शवयात्रा रोक दी, बल्कि उसे तुरंत किसी और को सौंप दिया। यह वीडियो सोशल साइट पर वायरल होते ही तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। मप्र कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया है।