अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर में तीन नेताओं की सशर्त रिहाई

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अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर में तीन नेताओं की सशर्त रिहाई

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पांच अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद से हिरासत में लिये गये तीन नेताओं को गुरुवार को रिहा कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को विभिन्न आधारों पर रिहा किया गया है।

Article 370 Conditional Release Of Three Leaders In Jammu And Kashmir :

यावर मीर राफियाबाद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं, जबकि शोएब लोन ने कांग्रेस के टिकट से उत्तर कश्मीर से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बाद में कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्हें पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन का करीबी माना जाता है। नूर मोहम्मद नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ कार्यकर्ता बताये जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के अलावा अलग-अलग आधार पर रिहा किया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले राज्यपाल प्रशासन ने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के इमरान अंसारी और सैयद अखून को स्वास्थ्य कारणों से 21 सितंबर को रिहा किया था।

अधिकारियों ने बताया है कि रिहा किए जाने से पहले नूर मोहम्मद एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार का वादा करेंगे। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के पांच अगस्त के फैसले के बाद नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों समेत हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री- फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। करीब 250 लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर जेल भेजे गए।

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पांच अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद से हिरासत में लिये गये तीन नेताओं को गुरुवार को रिहा कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को विभिन्न आधारों पर रिहा किया गया है। यावर मीर राफियाबाद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं, जबकि शोएब लोन ने कांग्रेस के टिकट से उत्तर कश्मीर से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बाद में कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्हें पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन का करीबी माना जाता है। नूर मोहम्मद नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ कार्यकर्ता बताये जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के अलावा अलग-अलग आधार पर रिहा किया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले राज्यपाल प्रशासन ने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के इमरान अंसारी और सैयद अखून को स्वास्थ्य कारणों से 21 सितंबर को रिहा किया था। अधिकारियों ने बताया है कि रिहा किए जाने से पहले नूर मोहम्मद एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार का वादा करेंगे। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के पांच अगस्त के फैसले के बाद नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों समेत हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री- फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। करीब 250 लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर जेल भेजे गए।