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अरुण जेटली के परिवार ने पेंशन लेने से किया इंकार, कहा जिन कर्मचारियों का वेतन कम है उन्हें दे दो

By बलराम सिंह 
Updated Date

Arun Jaitleys Family Refused To Take The Pension Said The Salaries Of Employees Who Have Less To Give Them

नई दिल्ली। दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली के परिवार ने उन्हें मिलने वाली पेंशन लेने से इंकार कर दिया है। अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिख कर कहा है कि उनकी पेंशन किसी जरुरतमंद कर्मचारी को दान कर दी जाए जिनकी तनख्वाह कम है।
परिवार के फैसले के बाद अब उनकी पेंशन राज्यसभा के कम सैलरी वाले कर्मचारियों की दी जा सकती है। पेंशन के रूप में जेटली के परिवार को सालान करीब 3 लाख रुपये मिलते।

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अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने आगे कहा है कि जो काम अरुण जी हमेशा किया करते थे उसे वह जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आज अगर अरुण जी जिंदा होते तो वह भी यही करते। परिवार को पेंशन के तौर पर लगभग तीन लाख रुपये सालाना मिलते। उन्होंने पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजी है। बता दें कि 66 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में 24 अगस्त को अरुण जेटली ने अंतिम सांस ली थी। सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद जेटली को 9 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था।

आपको बता दें कि अरुण जेटली की गिनती देश के दिग्गज वकीलों में होती थी। उनकी दोस्ती पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के नेताओं से थी। अपने विरोधियों में जेटली उतने ही प्रिय थे, जितने समर्थकों में।

जब अरुण जेटली का निधन हुआ तब उस वक्त प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर थे। यूएई में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मित्र अरुण जेटली को याद करते हुए कहा था कि अरुण जेटली के निधन के साथ मैंने एक अनमोल दोस्त खो दिया है, जिन्हें मैं दशकों से जानता था। जेटली के निधन पर पीएम मोदी ने कहा था कि वे मुद्दों को बेहद गहराई और विस्तार से जानते थे, राजनीति में उनके समानांतर बहुत कम लोग होते हैं, उन्होंने अच्छा जीवन जीया और अपनी अनगिनत यादों के साथ हमें छोड़ गए, हम उन्हें याद करेंगे।

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