आरुषि मर्डर केस: इन वजहों से अभी दो रात डासना जेल में ही गुजारेंगे तलवार दंपती

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Arushi Murder Case Rajesh Talwar And Nupur Talwar Will Be Released On Monday

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भले ही आरुषि और हेमराज मर्डर केस में सज़ा काट रहे तलवार दंपती को बरी कर दिया हो लेकिन अभी इन्हें और दो दिन डासना जेल में ही बिताना होगा। दरअसल, शुक्रवार शाम तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय से आदेश की सत्यापित कॉपी गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत तक नहीं पहुंच पाई। ऐसे में रिहाई का मामला दो दिन की छुट्टी होने के चलते अटक गया है। अब सोमवार को ही रिहाई की संभावना है।

दोहरे हत्याकांड में तलवार दंपती को बरी करने के आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धारा 437 (ए) का क्लोज लगाया है। इसके चलते राजेश व नूपुर तलवार को सीबीआइ की विशेष अदालत में बेल बांड भरना होगी। शुक्रवार देर शाम तक सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में हाईकोर्ट के आदेश की सत्यापित कॉपी नहीं आ सकी थी।

बता दें, आरुषि-हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे तलवार दंपति को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से गुरुवार दोपहर पौने तीन बजे दोषमुक्त ठहरा दिया गया था। इस फैसले के बाद शुक्रवार को डासना जेल में बंद डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी डॉ. नूपुर तलवार की रिहाई की संभावना बढ़ गई थी। इसी कारण सुबह सात बजे से डासना जेल के बाहर कवरेज के लिए मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।

क्या है धारा 437 (ए)
धारा 437 (ए) के मुताबिक जब कोई व्यक्ति दोष मुक्त होता है तो एक निश्चित समयावधि में ऊपरी अदालत में अपील होने तक जमानती देने होते हैं क्योंकि अगर ऊपरी अदालत में कोई अपील होने पर संबंधित शख्स के कोर्ट में उपस्थित होने की जरूरत पड़ती है तो कोर्ट में उपस्थित होना पड़ता है।

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भले ही आरुषि और हेमराज मर्डर केस में सज़ा काट रहे तलवार दंपती को बरी कर दिया हो लेकिन अभी इन्हें और दो दिन डासना जेल में ही बिताना होगा। दरअसल, शुक्रवार शाम तक इलाहाबाद उच्च न्यायालय से आदेश की सत्यापित कॉपी गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत तक नहीं पहुंच पाई। ऐसे में रिहाई का मामला दो दिन की छुट्टी होने के चलते अटक गया है। अब सोमवार को ही रिहाई की संभावना है।…