कश्मीर मसले पर बोले ओवैसी, कहा-बीजेपी को कश्मीरियों से नहीं, वहां की जमीन से प्यार

Asaduddin Owaisi
कश्मीर मसले पर बोले ओवैसी, कहा-बीजेपी को कश्मीरियों से नहीं, वहां की जमीन से प्यार

नई दिल्ली। जम्मू—कश्मीर मसले पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना सधा है। उन्होंने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी के पास पूर्व पीएम पं. जवाहरलाल नेहरू या लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की तरह राजनीतिक ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को कश्मीरियों से नहीं, बल्कि कश्मीर की जमीन से प्यार है।

Asaduddin Owaisi Attacked Bjp :

हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में ईद मिलाप रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, बीजेपी को सत्ता से प्यार है, न कि न्याय से। गृहमंत्री और पीएम पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे सिर्फ सत्ता में बने रहना चाहते हैं, लेकिन मैं याद दिलाना चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति अनंत काल तक नहीं रहता है और न ही शासन करता है।

ओवैसी ने कहा कि, सरदार पटेल और पं. नेहरू ने कश्मीर को लेकर जो फैसला लिया था, वो राष्ट्र के हित में था। ओवैसी ने अनुच्छेद 34ए और 370 को खत्म करने पर सवाल उठाया और कहा कि, शाह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को मानने का दावा करते हैं, जबकि उन्हें खुद ही नहीं पता कि डॉ. मुखर्जी ने भी अनुच्छेद 370 को मान्यता दी थी।

नई दिल्ली। जम्मू—कश्मीर मसले पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर निशाना सधा है। उन्होंने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी के पास पूर्व पीएम पं. जवाहरलाल नेहरू या लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की तरह राजनीतिक ज्ञान नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को कश्मीरियों से नहीं, बल्कि कश्मीर की जमीन से प्यार है। हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में ईद मिलाप रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, बीजेपी को सत्ता से प्यार है, न कि न्याय से। गृहमंत्री और पीएम पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे सिर्फ सत्ता में बने रहना चाहते हैं, लेकिन मैं याद दिलाना चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति अनंत काल तक नहीं रहता है और न ही शासन करता है। ओवैसी ने कहा कि, सरदार पटेल और पं. नेहरू ने कश्मीर को लेकर जो फैसला लिया था, वो राष्ट्र के हित में था। ओवैसी ने अनुच्छेद 34ए और 370 को खत्म करने पर सवाल उठाया और कहा कि, शाह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को मानने का दावा करते हैं, जबकि उन्हें खुद ही नहीं पता कि डॉ. मुखर्जी ने भी अनुच्छेद 370 को मान्यता दी थी।