यूपी सरकार का फैसला: 163 नदियों में विसर्जित की जाएंगी अटल जी की अस्थियां

यूपी सरकार का फैसला: 163 नदियों में विसर्जित की जाएंगी अटल जी की अस्थियां
यूपी सरकार का फैसला: 163 नदियों में विसर्जित की जाएंगी अटल जी की अस्थियां

Ashes Of Former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee Will Be Spread In Every River In Uttar Pradesh

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जनभावनाओं को सम्मान करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां राज्य की सभी नदियों में विर्सजित कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रहा है। प्रदेश के हर क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था। अस्थि विसर्जन के जरिए जनता को भी उनकी अन्तिम यात्रा से जुड़ने का अवसर मिल सकेगा। अब भाजपा सरकार और संगठन के सामने अटल की स्मृतियों को सहेजने और उससे आम जनता को जोडऩे का दायित्व है। राज्य सरकार ने अटल की अंतिम यात्रा को आमजन से जोडऩे की पहल की है। निसंदेह इससे पूरे प्रदेश में ‘अटल भावनाओं’ की लहर चलेगी।

यूपी में 75 जिले हैं और कुल 47 नदियां। चूंकि एक नदी कई जिलों से होकर गुजरती है इसलिए वाजपेयी की अस्थियां गंगा में 25 बार, यमुना में 18 बार, घाघरा में 13 बार, गोमती में 10 बार, रामगंगा में 7 बार, ताप्‍ती में 6 बार, हिंडन में 6 बार और गंडक में 4 बार विसर्जित की जाएंगी। इसके अलावा तमाम छोटी-छोटी नदियों में भी अस्थि विसर्जन होगा। इस तरह 75 जिलों की सभी 163 नदियों में उनकी अस्थियां विसर्जित की जाएंगी। इसके पहले इतिहास में कभी किसी की अस्थियां इतने बड़े पैमाने पर विसर्जित नहीं की गई हैं।

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि अस्थियों को आगरा में यमुना व चम्बल, इलाहाबाद में गंगा, यमुना व टोन्स (तम्सा), वाराणसी में गंगा, गोमती व वरुणा, लखनऊ में गोमती, गोरखपुर में घाघरा, राप्ती रोहिन, कुआनो व आमी, बलरामपुर में राप्ती, कानपुर नगर में गंगा, कानपुर देहात में यमुना, अलीगढ़ में गंगा व करवन, कासगंज में गंगा, अम्बेडकर नगर में घाघरा व टोन्स (तम्सा), अमेठी में सई व गोमती, अमरोहा में गंगा व सोत, औरैया में यमुना व सिंधु, आजमगढ़ में घाघरा व टोन्स (तम्सा), बदायूं में गंगा, रामगंगा व सोत, बागपत में यमुना, हिण्डन व काली नदी, बहराइच में सरयू, घाघरा, करनाली व सूहेली में प्रवाहित किया जाएगा।

इसके अलावा बलिया में गंगा, घाघरा गण्डक व टोन्स (तम्सा), बांदा में केन व यमुना, बाराबंकी में घाघरा व गोमती, बरेली में रामगंगा व अरिल, बस्ती में घाघरा, कूआनो व मनोरमा, बिजनौर में गंगा व रामगंगा, बुलन्दशहर व चन्दौली में गंगा, चित्रकूट में यमुना, देवरिया में गण्डक, घाघरा व राप्ती, एटा में इसान और इटावा में चम्बल व यमुना नदी में प्रवाहित किया जाएगा।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वाजपेयी के निधन से देशभर में शोक की लहर है। केंद्र सरकार की ओर से सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। राज्यों में भी राजकीय शोक का ऐलान किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश से अटल बिहारी वाजपेयी का गहरा नाता रहा है और इसी राज्य को उनकी कर्मभूमि कहा जाता है। वह लखनऊ से सांसद रहे और यूपी में बीजेपी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में वाजपेयी का अहम योगदान है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जनभावनाओं को सम्मान करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां राज्य की सभी नदियों में विर्सजित कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रहा है। प्रदेश के हर क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था। अस्थि विसर्जन के जरिए जनता को भी उनकी अन्तिम यात्रा से जुड़ने का अवसर मिल सकेगा। अब भाजपा सरकार और संगठन के सामने अटल की स्मृतियों को सहेजने और उससे आम जनता…