इन समस्याओं से निजात दिला देगा अशोक के पेड़ का फूल

ashok tress flowers
इन समस्याओं से निजात दिला देगा अशोक के पेड़ का फूल

लखनऊ। मौसम गर्मी का हो या बारिश का किसी न किसी वजह से हम इन मौसम में परेशान हो ही जाते हैं। जिस तरह से हम गर्मी में धूप से होने वाली समस्या से बचने के तरीके ढूंढते हैं उसी तरह मॉनसून में बारिश तो सबको पसंद होती है, लेकिन इस मौसम में बारिश के पानी से त्वचा संबंधित कई तरह के रोग हो जाते हैं। जैसे किसी को स्किन पर रैशेज या छोटे लाल दाने हो जाते हैं, तो कुछ लोगों को एक्जिमा या खुजली की शिकायत होती है।

Ashok Tree Flowers Get Rid Of These Problems :

ऐसे में इन परेशानियों से बचने के लिए आप डॉक्टर के पास जाते हैं और फिर दवाईयों की मदद से इस परेशानी से छुटकारा पाते हैं। हम आपको इस परेशानी से निजात पाने के लिए एक ऐसा उपाए बताने जा रहें जो बिना डॉक्टर के आपकी समस्या को आसानी से ख़त्म कर देगा।

मॉनसून में होने वाले इस त्वचा रोग को दूर करने के लिए अशोक पेड़ का फूल तेज़ी से काम करता है। ये फूल लाल रंग के होते हैं। अशोक पेड़ के फूल और छाल को आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

यह फिमेल इन्फर्टिलिटी, यूट्रिन डिसऑर्डर, पेचिश और विभिन्न त्वचा रोगों के इलाज के लिए कारगर है। इस फूल को मेहंदी के पत्ते और नारियल तेल के साथ मिलाकर एक्जिमा, खुजली, रैशेज और दाने पर इस्तेमाल करने से ये झटपट ठीक हो जाता है।

लखनऊ। मौसम गर्मी का हो या बारिश का किसी न किसी वजह से हम इन मौसम में परेशान हो ही जाते हैं। जिस तरह से हम गर्मी में धूप से होने वाली समस्या से बचने के तरीके ढूंढते हैं उसी तरह मॉनसून में बारिश तो सबको पसंद होती है, लेकिन इस मौसम में बारिश के पानी से त्वचा संबंधित कई तरह के रोग हो जाते हैं। जैसे किसी को स्किन पर रैशेज या छोटे लाल दाने हो जाते हैं, तो कुछ लोगों को एक्जिमा या खुजली की शिकायत होती है। ऐसे में इन परेशानियों से बचने के लिए आप डॉक्टर के पास जाते हैं और फिर दवाईयों की मदद से इस परेशानी से छुटकारा पाते हैं। हम आपको इस परेशानी से निजात पाने के लिए एक ऐसा उपाए बताने जा रहें जो बिना डॉक्टर के आपकी समस्या को आसानी से ख़त्म कर देगा। मॉनसून में होने वाले इस त्वचा रोग को दूर करने के लिए अशोक पेड़ का फूल तेज़ी से काम करता है। ये फूल लाल रंग के होते हैं। अशोक पेड़ के फूल और छाल को आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह फिमेल इन्फर्टिलिटी, यूट्रिन डिसऑर्डर, पेचिश और विभिन्न त्वचा रोगों के इलाज के लिए कारगर है। इस फूल को मेहंदी के पत्ते और नारियल तेल के साथ मिलाकर एक्जिमा, खुजली, रैशेज और दाने पर इस्तेमाल करने से ये झटपट ठीक हो जाता है।