CM योगी के सामने छलका सुधा का दर्द, कहा, ‘इनाम के पैसे वापस ले लो, पर नौकरी दे दो’

CM योगी के सामने छलका सुधा का दर्द, कहा, ‘इनाम के पैसे वापस ले लो, पर नौकरी दे दो’
CM योगी के सामने छलका सुधा का दर्द, कहा, ‘इनाम के पैसे वापस ले लो, पर नौकरी दे दो’

लखनऊ। एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट और नौ बार की नेशनल चैंम्पियन 3000 मीटर स्टीपलचेज खिलाड़ी सुधा सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले 30 लाख के चेक को लेने से इंकार कर दिया। जब सुधा मंच पर पदक लेने पहुंची तो उन्होंने सीएम योगी से कहा- पूरी इनामी राशि वापस ले लीजिए, बस यूपी में एक नौकरी दे दीजिए। इस पर मुख्यमंत्री ने सुधा को इनामी राशि का चेक देते हुए कहा कि यह तो तुम्हारा अधिकार है। जहां तक नौकरी का सवाल है तो इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। नौकरी जरूर मिलेगी।

Asian Games Gold Medallist Sudha Singh Refuses Cash Prize From Up Government Asks For A Job Instead :

सुधा सिंह उस समय काफी गुस्से में आ गईं थी जब खूब सारी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय में उप निदेशक बनाने से इंकार कर दिया था। लखनऊ में मंगलवार को हुए इवेंट में सुधा सिंह ने अचानक ही इवेंट छोड़ दिया और सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले 30 लाख के चेक को भी लेने से मना कर दिया था। इस इवेंट में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक भी मौजूद थे। सुधा सिंह ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि मुझे पैसे नहीं, जॉब चाहिए। ये राशि बेशक युवा खिलाड़ी में बांट दी जाए, लेकिन मुझे जॉब चाहिए।

अर्जुन अवॉर्ड और 6 इंटरनेशनल पदक हैं सुधा के नाम

अर्जुन अवॉर्ड और 6 इंटरनेशनल पदक हैं सुधा के नाम सुधा ने कहा कि अगर उन्हें खेल में डिप्टी डायरेक्टर की नौकरी नहीं मिलती है, तो वो अपना कैश प्राइज वापस लौटा देंगी और हमेशा के लिए राज्य छोड़कर चली जाएंगी। सुधा ने गुआंगज़ौ में 2010 में हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल और 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित क्या गया था। उनके नाम 6 अंतरराष्ट्रीय पदक है। सुधा सिंह ने कहा कि खेल निदेशालय में लोग खुद को उनकी उपलब्धियों से तुलना करें। अगर वो उन्हें गलत साबित करते हैं तो सुधा नौकरी के लिए अनुरोध नहीं करेंगी।

और क्या साबित करना होगा

वर्तमान में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में असिस्टेंट कॉमर्शियल मैनेजर (एसीएम) सुधा ने कहा- 32 साल की हो चुकी हूं। 2010 एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता। इस साल जकार्ता एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता। इस दौरान दो बार ओलंपिक में भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। क्या इतना काफी नहीं है, यूपी में जॉब पाने के लिए। पता नहीं अब मुझे और क्या साबित करना होगा। सुधा सिंह ने कहा, ‘मेरे करियर को बहुत वक्त नहीं बचा है। सालों से खेल विभाग में जॉब के लिए चक्कर काट रही हूं। आज भी सीएम और राज्यपाल से मिलकर यहीं गुहार की, देखते है कि क्या होता है।’

लखनऊ। एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट और नौ बार की नेशनल चैंम्पियन 3000 मीटर स्टीपलचेज खिलाड़ी सुधा सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले 30 लाख के चेक को लेने से इंकार कर दिया। जब सुधा मंच पर पदक लेने पहुंची तो उन्होंने सीएम योगी से कहा- पूरी इनामी राशि वापस ले लीजिए, बस यूपी में एक नौकरी दे दीजिए। इस पर मुख्यमंत्री ने सुधा को इनामी राशि का चेक देते हुए कहा कि यह तो तुम्हारा अधिकार है। जहां तक नौकरी का सवाल है तो इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। नौकरी जरूर मिलेगी। सुधा सिंह उस समय काफी गुस्से में आ गईं थी जब खूब सारी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय में उप निदेशक बनाने से इंकार कर दिया था। लखनऊ में मंगलवार को हुए इवेंट में सुधा सिंह ने अचानक ही इवेंट छोड़ दिया और सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले 30 लाख के चेक को भी लेने से मना कर दिया था। इस इवेंट में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक भी मौजूद थे। सुधा सिंह ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि मुझे पैसे नहीं, जॉब चाहिए। ये राशि बेशक युवा खिलाड़ी में बांट दी जाए, लेकिन मुझे जॉब चाहिए।

अर्जुन अवॉर्ड और 6 इंटरनेशनल पदक हैं सुधा के नाम

अर्जुन अवॉर्ड और 6 इंटरनेशनल पदक हैं सुधा के नाम सुधा ने कहा कि अगर उन्हें खेल में डिप्टी डायरेक्टर की नौकरी नहीं मिलती है, तो वो अपना कैश प्राइज वापस लौटा देंगी और हमेशा के लिए राज्य छोड़कर चली जाएंगी। सुधा ने गुआंगज़ौ में 2010 में हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल और 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित क्या गया था। उनके नाम 6 अंतरराष्ट्रीय पदक है। सुधा सिंह ने कहा कि खेल निदेशालय में लोग खुद को उनकी उपलब्धियों से तुलना करें। अगर वो उन्हें गलत साबित करते हैं तो सुधा नौकरी के लिए अनुरोध नहीं करेंगी।

और क्या साबित करना होगा

वर्तमान में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में असिस्टेंट कॉमर्शियल मैनेजर (एसीएम) सुधा ने कहा- 32 साल की हो चुकी हूं। 2010 एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता। इस साल जकार्ता एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता। इस दौरान दो बार ओलंपिक में भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। क्या इतना काफी नहीं है, यूपी में जॉब पाने के लिए। पता नहीं अब मुझे और क्या साबित करना होगा। सुधा सिंह ने कहा, ‘मेरे करियर को बहुत वक्त नहीं बचा है। सालों से खेल विभाग में जॉब के लिए चक्कर काट रही हूं। आज भी सीएम और राज्यपाल से मिलकर यहीं गुहार की, देखते है कि क्या होता है।’