एक युग का अंत: आज होगा राजनीति के पुरोधा अटल जी का अंतिम संस्कार

atal bihari bajpai
एक युग का अंत: आज होगा राजनीति के पुरोधा अटल जी का अंतिम संस्कार

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के पुरोधा, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर सेना की विशेष गाड़ी से भाजपा मुख्यालय ले जाया गया। इस दौरान तीनों सेनाओं की एक संयुक्त टुकड़ी उनके साथ रही। इससे पहले, उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम को एम्स से अंतिम दर्शन के लिए कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया था। फिलहाल पार्टी मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत कई नेता मौजूद रहे।

Atal Bihari Bajpais Final Journey Will Begin Bjp Headquarter At One Oclock :

बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार सुबह श्रद्धांजलि देने पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेता गुुरुवार शाम से अब तक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कार्यक्रम के मुताबिक भाजपा मुख्यालय से दोपहर 1 बजे अंतिम यात्रा शुरू होगी, जो राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी।1

अटल बिहारी बाजपेई अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से दीनदयाल उपाध्याय मार्ग से होते हुए आईटीओ और वहां से राजघाट के पीछे स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पहुंचेगी। भाजपा मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। दोपहर 4 बजे अटलजी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में व्यापारियों ने भी सभी बाजार बंद रखने का फैसला किया है। अटलजी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे नौ साल से बीमार थे और 67 दिन से एम्स में भर्ती थे।

राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर बनेगा स्मारक

यमुना किनारे करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अटल बिहारी वाजपेयी का समाधि स्थल बनाया जाएगा। बता दें कि यूपीए सरकार ने नदी के किनारे समाधि स्थल बनाने पर रोक लगा दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस फैसले को पलटते हुए वहां समाधि स्थल बनाने का फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में मोदी सरकार जल्द अध्यादेश ला सकती है।

अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, ब्रिटेन और बांग्लादेश ने दुख जताया

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान ने अटल जी के देहान्त पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि वो राजनीति के एक बड़े व्यक्तित्व थे। भारत-पाक संबंधों में सुधार के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। वहीं चीन के राजदूत लुयो झाओहुई ने ट्वीट किया- “अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है।” भारत स्थित अमेकिरी दूतावास से कहा ​गया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल में अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। इसके साथ ही ब्रिटेन और जापान के राजदूत ने कहा कि अटल जी वैश्विक नेताओं में से एक थे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों में भी अटल बिहारी वाजपेयी काफी लोकप्रिय थे।

मोदी बोले, उठ गया सिर से पिता का साया

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के निधान पर पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जाना सिर से पिता का साया उठने जैसा है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट में कहा- ‘‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटलजी हमारे बीच नहीं रहे। यह मेरे लिए निजी क्षति है। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।’’

 

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के पुरोधा, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर सेना की विशेष गाड़ी से भाजपा मुख्यालय ले जाया गया। इस दौरान तीनों सेनाओं की एक संयुक्त टुकड़ी उनके साथ रही। इससे पहले, उनके पार्थिव शरीर को गुरुवार शाम को एम्स से अंतिम दर्शन के लिए कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया था। फिलहाल पार्टी मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत कई नेता मौजूद रहे।बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार सुबह श्रद्धांजलि देने पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेता गुुरुवार शाम से अब तक श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कार्यक्रम के मुताबिक भाजपा मुख्यालय से दोपहर 1 बजे अंतिम यात्रा शुरू होगी, जो राजघाट स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी।1अटल बिहारी बाजपेई अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से दीनदयाल उपाध्याय मार्ग से होते हुए आईटीओ और वहां से राजघाट के पीछे स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पहुंचेगी। भाजपा मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। दोपहर 4 बजे अटलजी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली में व्यापारियों ने भी सभी बाजार बंद रखने का फैसला किया है। अटलजी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे नौ साल से बीमार थे और 67 दिन से एम्स में भर्ती थे।

राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर बनेगा स्मारक

यमुना किनारे करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अटल बिहारी वाजपेयी का समाधि स्थल बनाया जाएगा। बता दें कि यूपीए सरकार ने नदी के किनारे समाधि स्थल बनाने पर रोक लगा दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस फैसले को पलटते हुए वहां समाधि स्थल बनाने का फैसला लिया है। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में मोदी सरकार जल्द अध्यादेश ला सकती है।

अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, ब्रिटेन और बांग्लादेश ने दुख जताया

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान ने अटल जी के देहान्त पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि वो राजनीति के एक बड़े व्यक्तित्व थे। भारत-पाक संबंधों में सुधार के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। वहीं चीन के राजदूत लुयो झाओहुई ने ट्वीट किया- "अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है।" भारत स्थित अमेकिरी दूतावास से कहा ​गया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने शासनकाल में अमेरिका के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। इसके साथ ही ब्रिटेन और जापान के राजदूत ने कहा कि अटल जी वैश्विक नेताओं में से एक थे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों में भी अटल बिहारी वाजपेयी काफी लोकप्रिय थे।

मोदी बोले, उठ गया सिर से पिता का साया

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के निधान पर पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जाना सिर से पिता का साया उठने जैसा है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट में कहा- ‘‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटलजी हमारे बीच नहीं रहे। यह मेरे लिए निजी क्षति है। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।’’