मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?

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मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?

Atal Bihari Vajpayee Health Critical Admitted In Aiims Read His Poem

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत कल से काफी नाजुक बनी हुई है। उन्हे एम्स में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। एम्स की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में उनकी हालात और बिगड़ी है। एम्स में अटल बिहारी को देखने के लिए कई बड़े वरिष्ठ नेता पहुंचे हुए हैं। बता दें कि 93 साल के अटल बिहारी वाजपेयी 2009 से व्हील चेयर पर हैं। अस्पताल ने कल रात एक बयान में कहा, “दुर्भाग्यवश, उनकी हालत बिगड़ गई है। उनकी हालत गंभीर है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।”

अटल बिहारी के जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें-

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे। भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही। वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे। वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था। सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया।

अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी और मां का नाम कृष्णा देवी था। कहा जाता है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत कम्युनिस्ट के तौर पर शुरू की थी, लेकिन बाद में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और हिंदुत्व का झंडा बुलंद किया।

अटल जी की ये कविता जो जीवन को दिशा देती हैं-

ठन गई! मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,
यूं लगा जिंदगी से बड़ी हो गई।
मौत की उमर क्या है?
दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं।
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?
तू दबे पांव, चोरी-छिपे से न आ, सामने वार कर फिर मुझे आजमा।
मौत से बेखबर, जिंदगी का सफ़र, शाम हर सुरमई,
रात बंसी का स्वर। बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं, दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।
प्यार इतना परायों से मुझको मिला, न अपनों से बाक़ी हैं कोई गिला।
हर चुनौती से दो हाथ मैंने किए, आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए।
आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है, नाव भंवरों की बांहों में मेहमान है।
पार पाने का क़ायम मगर हौसला,
देख तेवर तूफ़ां का,
तेवरी तन गई। मौत से ठन गई।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत कल से काफी नाजुक बनी हुई है। उन्हे एम्स में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। एम्स की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार बीते 24 घंटे में उनकी हालात और बिगड़ी है। एम्स में अटल बिहारी को देखने के लिए कई बड़े वरिष्ठ नेता पहुंचे हुए हैं। बता दें कि 93 साल के अटल बिहारी वाजपेयी 2009 से व्हील चेयर पर हैं। अस्पताल ने कल रात एक बयान में…