…जब वाजपेयी के एक फैसले से रातोरात गुजरात के CM बन गए थे नरेंद्र मोदी

...जब वाजपेयी के एक फैसले से रातोरात गुजरात के CM बन गए थे नरेंद्र मोदी
...जब वाजपेयी के एक फैसले से रातोरात गुजरात के CM बन गए थे नरेंद्र मोदी

Atal Bihari Vajpayee Narendra Modi Gujarat Cm Story Delhi

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम निधन हो गया। वह 93 साल के थे। आज बीजेपी केंद्र के साथ-साथ 20 से अधिक राज्यों में सत्ता में है। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से हर बड़े मौके पर और अपने भाषणों में नरेंद्र मोदी कभी अटल बिहारी वाजपेयी को याद करना नहीं भूलते। नब्‍बे के दशक के अंत में गुजरात बीजेपी में केशुभाई पटेल, शंकर सिंह वाघेला जैसे नेताओं के बीच सत्‍ता के लिए घमासान मचा हुआ था, उन सब का नतीजा यह हुआ कि सूबे में पार्टी संगठन के सबसे कद्दावर चेहरे नरेंद्र मोदी को दिल्‍ली भेज दिया गया।

इस बीच 2001 में गुजरात के भुज में भूकंप आने के बाद केशुभाई पटेल के नेतृत्‍व में बीजेपी सरकार को विपक्ष के इस आरोप का सामना करना पड़ा कि वह स्थितियों को ठीक ढंग से संभाल नहीं पाई। नतीजा यह हुआ कि उसके बाद हुए उपचुनावों में पार्टी को नुकसान हुआ। पार्टी ने चुनावों के लिहाज से खतरे को भांपते हुए गुजरात में मुख्‍यमंत्री बदलने की मुहिम शुरू कर दी। इस कड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी ने 2001 में एक दिन नरेंद्र मोदी को फोन किया। उन्‍होंने पूछा कि आप कहां हैं और क्‍या मुझसे मिलने आ सकते हैं?

नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वक्‍त मैं शमशान में हूं। चिंतित वाजपेयी ने परिवार के संबंध में जब कुशलक्षेम पूछी तो मोदी ने कहा कि दरअसल मैं एक पत्रकार गोपाल के अंतिम संस्‍कार में आया हूं। माधव राव सिंधिया के साथ प्‍लेन क्रैश में उनकी भी मृत्‍यु हो गई है। हर कोई सिंधिया की अंतिम यात्रा में गया है और दो-तीन मित्रों को छोड़कर कोई भी गोपाल की अंतिम यात्रा में नहीं आया है। लिहाजा उनके प्रति संवेदना प्रकट करने के लिए मैं आ गया हूं।

तब अटल बिहारी वाजपेयी ने मोदी से कहा कि वह दिल्ली छोड़ दें और यहां से चले जाएं। तब मोदी ने पूछा कि इसका क्या मतलब है। तब बाद में मोदी को वाजपेयी की पूरी बात समझाई गई। जिसमें उन्हें बताया गया कि वाजपेयी उन्हें (मोदी) गुजरात का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली छोड़ गुजरात जाने के लिए कह रहे हैं।

बता दें कि तब केंद्र में एनडीए की सरकार थी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। उस दिन वाजपेयी से मुलाकात के बाद नरेंद्र मोदी गुजरात में मुख्यमंत्री बनने के लिए रवाना हो गए। जिसके बाद 2002, 2007 और 2012 में भी वह गुजरात के सीएम बने और 2014 में देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने का मौका मिला।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम निधन हो गया। वह 93 साल के थे। आज बीजेपी केंद्र के साथ-साथ 20 से अधिक राज्यों में सत्ता में है। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से हर बड़े मौके पर और अपने भाषणों में नरेंद्र मोदी कभी अटल बिहारी वाजपेयी को याद करना नहीं भूलते। नब्‍बे के दशक के अंत में गुजरात बीजेपी में केशुभाई पटेल, शंकर सिंह वाघेला जैसे नेताओं के बीच सत्‍ता के लिए घमासान…