अतीक अहमद की जुबान फिसली तो ये कह गए सीएम अखिलेश के बारे में…





कानपुर: समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच कई नेता पिता पुत्र में सुलह की गुंजाईश देखते हुए फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। ऐसा ही एक नाम बाहुबली नेता अतीक अहमद का, अतीक का नाम मुलायम सिंह यादव के खेमे से जारी प्रत्याशियों की लिस्ट में तो है लेकिन सीएम अखिलेश यादव की लिस्ट से उनका नाम गायब है। मंगलवार को कानपुर उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेन्स करते हुए कहा कि तमाम प्रत्याशी इस समय मीडिया से मुंह चुराते घूम रहे हैं क्योंकि अभी उनके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि वे किसके साथ जायेगें, लेकिन अभी भी वे किसी खास गुट के साथ नहीं खड़े हैं। अतीक का कहना है कि उन्हें समाजवाद के सिद्धान्त मुलायम सिंह से जोड़ते हैं और विकास कार्य अखिलेश यादव के साथ।




जुबान फिसली तो ये क्या कह डाला…

अतीक ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सीएम अखिलेश यादव ‘लौंडे’ नहीं हैं। अतीक ने बातों ही बातों में कहा कि मुलायम सिंह की गलती यह रही कि उन्होंने अखिलेश को बच्चा समझा। हफ्ते भर से चल रहे सपा के संग्राम पर अतीक ने कहा, ‘मामला चुनाव आयोग के पास है। मेरे सिद्धांत और उसूल अखिलेश के साथ हैं। बदकिस्मती की बात है कि बाप बेटे में साईकिल पर लड़ाई हो रही है।

अखिलेश के साथ है दिल

अतीक अहमद ने आज कानपुर में एक प्रेस कार्फेंस में कहा कि उनका दिल अखिलेश के साथ है लेकिन दिमाग मुलायम के सिद्धान्तों पर कायम है। बता दें कि मुलायम ने कानपुर कैण्ट से अतीक को उम्मीदवार बनाया है लेकिन अखिलेश की लिस्ट में अतीक का नाम नहीं है।




नेताजी और अखिलेश की सोच में पीढ़ी का फर्क

बकौल अतीक अहमद, नेताजी और अखिलेश की सोच में पीढ़ी का फर्क है। मुलायम अपने जीवन में कई इम्तिहानों से गुजरे हैं जबकि अखिलेश को सत्ता विरासत में मिली है। पिता की नजर में बेटा हमेशा बच्चा रहता है लेकिन बेटा खुद को परिपक्व महसूस करता है। सपा में लड़ाई सोच के इसी अन्तर के कारण मची है।




माफिया कहे जाने पर जताया ऐतराज

अतीक ने खुद को माफिया कहे जाने पर ऐतराज जताया और कहा कि पार्टी उन्हें स्टार प्रचारक बनाकर कई सीटों के लिये प्रचार करने भेज रही है। इस बीच कानपुर में अपने मतदाताओं के बीच रहने के लिये भी समय निकालेगें। उन्होंने अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि कानपुर से डॉ0 मुरली मनोहर जोशी की जीत से तय हो गया है कि इस शहर को बाहरी उम्मीदवारों से कोई परहेज नहीं होता है। अपने सफाई में अतीक ने कहा कि अगर मेरी छवि माफिया की है तो लोग इस तरह मेरा सहयोग नहीं करते जैसा अभी के समय में कर रहे है। कानपुर के कुछ इलाकों में जनता ने उनके लिए पोस्टर लगाए हैं और लोगों ने पोस्टर में लिखा है, ‘अतीक निर्दलीय आओ, हम तुम्हें लड़ा रहे हैं।’