खराब मोबाइल के ज​रिए JaM आतंकी तक पहुंची यूपी एटीएस

ats arresting
खराब मोबाइल के ज​रिए JaM आतंकी तक पहुंची यूपी एटीएस

नई दिल्ली। देवबंध में पकड़े गए जैश-ए- मोहम्मद के दो संदिग्ध आतंकियों तक पहुंचने के लिए एटीएस का सहारा एक खराब मोबाइल फोन बना। दरअसल यहां से पकड़े गए एक आतंकी का मोबाइल फोन खराब हो गया था, जिसे उसने बनाने के लिए एक मैकेनिक को दिया। मोबाइल बनने के बाद मैकेनिक ने मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें कई संदिग्ध वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले। जिसके बाद मैकेनिक ने इसकी सूचना वहीं के एक अन्य छात्र को दी। छात्र के माध्यम से ही एटीएस को वहां संदिग्ध आतंकी छिपे होने की सूचना मिली।

Ats Reached To Terrerist At Deobandh With Help Of A Dameged Mobile Phone :

बता दे कि उक्त छात्र से संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिलने के बाद एटीएस ने जाल बिछाया और आधी रात छापेमारी कर दोनों आतंकियों को हॉस्टल में धर दबोचा। अधिकारियों के मुता​बिक पकड़े गए आतंकी शाहनवाज तेली ने अपना मोबाइल फोन खराब होने के चलते रिपयेरिंग को दिया था। जिसमें आतंक से संबंधित क्लीपिंग व अन्य संदिग्ध चीजें थी।

बताया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद ने शाहनवाज तेली को युवाओं को भर्ती करने के लिए रखा हुआ था। उसका सीधा सम्पर्क जैश-ए-मोहम्मद से था। आतंकी शाहनवाज तेली काफी दिनों से हास्टल में रहकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहा था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने तार देवबंद से जोड़ रखे हैं, जिससे कोई भी हरकत उन तक जा पहुंचे।

नई दिल्ली। देवबंध में पकड़े गए जैश-ए- मोहम्मद के दो संदिग्ध आतंकियों तक पहुंचने के लिए एटीएस का सहारा एक खराब मोबाइल फोन बना। दरअसल यहां से पकड़े गए एक आतंकी का मोबाइल फोन खराब हो गया था, जिसे उसने बनाने के लिए एक मैकेनिक को दिया। मोबाइल बनने के बाद मैकेनिक ने मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें कई संदिग्ध वीडियो और अन्य दस्तावेज मिले। जिसके बाद मैकेनिक ने इसकी सूचना वहीं के एक अन्य छात्र को दी। छात्र के माध्यम से ही एटीएस को वहां संदिग्ध आतंकी छिपे होने की सूचना मिली। बता दे कि उक्त छात्र से संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिलने के बाद एटीएस ने जाल बिछाया और आधी रात छापेमारी कर दोनों आतंकियों को हॉस्टल में धर दबोचा। अधिकारियों के मुता​बिक पकड़े गए आतंकी शाहनवाज तेली ने अपना मोबाइल फोन खराब होने के चलते रिपयेरिंग को दिया था। जिसमें आतंक से संबंधित क्लीपिंग व अन्य संदिग्ध चीजें थी। बताया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद ने शाहनवाज तेली को युवाओं को भर्ती करने के लिए रखा हुआ था। उसका सीधा सम्पर्क जैश-ए-मोहम्मद से था। आतंकी शाहनवाज तेली काफी दिनों से हास्टल में रहकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहा था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने तार देवबंद से जोड़ रखे हैं, जिससे कोई भी हरकत उन तक जा पहुंचे।