‘अतुल्य भारत’ में झलका धर्मों की एकता का रंग

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'अतुल्य भारत' में झलका धर्मों की एकता का रंग

नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत NCZCC की और से दिल्ली के राजीव चौक स्थित सेंट्रल पार्क में 5 दिवसीय अतुल्य भारत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भारतीय संस्कृति की विविध विधाएं प्रस्तुत की गयी। जिनमें शास्त्रीय और लोक नृत्य, संगीत, भारतीय व्यंजन और चित्रकला पर शामिल हैं।

Atulya Bharat Me Jhalaka Dharmo Ki Ekta Ka Rang :

इस कार्यक्रम में NCZCC के डायरेक्टर इंद्रजीत ग्रोवर ने सभी कलाकारों के साथ दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत जुगलबंदी से हुई जिसमें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फ़्लूटिस्ट दिल्ली के चेतन जोशी ने बांसुरी, पखावज और तलबा के साथ प्रस्तुति दी। हाल ही में चेतन जोशी को झारखंड सरकार की ओर से राजकीय संस्कृत सम्मान और सर्वोच्च राज्य पुरस्कार मिला है।चेतन जोशी ने रागा बिहग के साथ अपनी प्रस्तुति शुरू की, जो कि शाम के वक़्त सुनी जाती है और इसके बाद उन्होंने बनारसी कजरी से सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

इसके बाद दिल्ली की मर्यादा कुलश्रेष्ठ द्वारा सूफी गायन पर आधारित कथक नृत्य किया गया जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया। अपनी कला के दौरान मर्यादा ने दर्शाया की सभी धर्म एक समान है और हर एक भारतीय नागरिक सभी धर्मों की इज़्ज़त करता है। ऐसी मनमोहक प्रस्तुति देकर मर्यादा ने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। इस प्रस्तुति के बाद उत्तराखंड कुमाऊ का लोकनृत्य छपेली नृत्य प्रस्तुत किया गया। आपको बता दें कि छपेली नृत्य कुमाऊं अंचल के त्योहार एवं मांगलिक कार्यों में किये जाने वाला नृत्य है। इस लोक नृत्य में करीब 15 कलाकारों ने इस नृत्य की प्रस्तुति की।

इस प्रस्तुति के बाद देवनाम प्रियदर्शी द्वारा ओडिसी नृत्यभिनय किया गया जिसमें उन्होंने अशोक चक्र पर एक कहानी दर्शायी, जिसमें से 24 तीलियों में से एक तीली सबका साथ सबका विकास दर्शाया गया। इसके बाद अब बारी गुजरात के डांडिया की थी जो पूरे विश्वभर में मशहूर है। आपको बता दें कि डांडिया गुजरात राज्य का एक लोकप्रिय लोक नृत्य है, जिसे नवरात्रि के दौरान किया जाता है। इस नृत्य में करीब 16 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। प्रस्तुति इतनी शानदार रही कि पूरे पंडाल में जय माता दी कि नारे गूंजने लगे। इस कार्यक्रम के बाद करीब 17 कलाकारों के साथ तेलंगाना का माथुरी नृत्य किया गया।

नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत NCZCC की और से दिल्ली के राजीव चौक स्थित सेंट्रल पार्क में 5 दिवसीय अतुल्य भारत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भारतीय संस्कृति की विविध विधाएं प्रस्तुत की गयी। जिनमें शास्त्रीय और लोक नृत्य, संगीत, भारतीय व्यंजन और चित्रकला पर शामिल हैं।इस कार्यक्रम में NCZCC के डायरेक्टर इंद्रजीत ग्रोवर ने सभी कलाकारों के साथ दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत जुगलबंदी से हुई जिसमें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फ़्लूटिस्ट दिल्ली के चेतन जोशी ने बांसुरी, पखावज और तलबा के साथ प्रस्तुति दी। हाल ही में चेतन जोशी को झारखंड सरकार की ओर से राजकीय संस्कृत सम्मान और सर्वोच्च राज्य पुरस्कार मिला है।चेतन जोशी ने रागा बिहग के साथ अपनी प्रस्तुति शुरू की, जो कि शाम के वक़्त सुनी जाती है और इसके बाद उन्होंने बनारसी कजरी से सभी दर्शकों का मन मोह लिया।इसके बाद दिल्ली की मर्यादा कुलश्रेष्ठ द्वारा सूफी गायन पर आधारित कथक नृत्य किया गया जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया। अपनी कला के दौरान मर्यादा ने दर्शाया की सभी धर्म एक समान है और हर एक भारतीय नागरिक सभी धर्मों की इज़्ज़त करता है। ऐसी मनमोहक प्रस्तुति देकर मर्यादा ने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। इस प्रस्तुति के बाद उत्तराखंड कुमाऊ का लोकनृत्य छपेली नृत्य प्रस्तुत किया गया। आपको बता दें कि छपेली नृत्य कुमाऊं अंचल के त्योहार एवं मांगलिक कार्यों में किये जाने वाला नृत्य है। इस लोक नृत्य में करीब 15 कलाकारों ने इस नृत्य की प्रस्तुति की।इस प्रस्तुति के बाद देवनाम प्रियदर्शी द्वारा ओडिसी नृत्यभिनय किया गया जिसमें उन्होंने अशोक चक्र पर एक कहानी दर्शायी, जिसमें से 24 तीलियों में से एक तीली सबका साथ सबका विकास दर्शाया गया। इसके बाद अब बारी गुजरात के डांडिया की थी जो पूरे विश्वभर में मशहूर है। आपको बता दें कि डांडिया गुजरात राज्य का एक लोकप्रिय लोक नृत्य है, जिसे नवरात्रि के दौरान किया जाता है। इस नृत्य में करीब 16 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। प्रस्तुति इतनी शानदार रही कि पूरे पंडाल में जय माता दी कि नारे गूंजने लगे। इस कार्यक्रम के बाद करीब 17 कलाकारों के साथ तेलंगाना का माथुरी नृत्य किया गया।