ऑस्ट्रेलिया: जंगलों में आग लगाने के मामले में 183 लोगों पर केस दर्ज

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ऑस्ट्रेलिया: जंगलों में आग लगाने के मामले में 183 लोगों पर केस दर्ज

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में जानबूझ कर जंगल में आग लगाने के मामले में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सितंबर से जल रही आग से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। आग से बुरी तरह प्रभावित न्यू साउथ वेल्स (NSW), क्वींसलैंड, विक्टोरिया, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया प्रांतों से पकड़े गए इन लोगों में कई नाबालिग भी हैं।

Australia 183 People Booked For Setting Fire In Forests :

स्थानीय मीडिया के अनुसार, अकेले न्यू साउथ वेल्स में ही नवंबर से अब तक 183 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 24 पर जानबूझकर जंगलों में आग लगाने का आरोप है। विक्टोरिया में 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्वींसलैंड में पकड़े गए 101 लोगों में 70 फीसद नाबालिग हैं।

पचास फीसदी जगहों पर जानबूझकर लगाई गई थी आग

स्विनबर्न यूनिवर्सिटी के फोरेंसिक बिहेवियरल साइंस के निदेशक जेम्स ओग्लॉफ के मुताबिक पचास फीसदी जगहों पर आग जानबूझकर लगाई गई थी। जिन लोगों ने ऐसा किया था वह आग देखने में रुचि रखते हैं। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जेनेट स्टेनली ने कहा, आग लगाने वाले किसी वर्ग विशेष से नहीं आते। लेकिन देखने से ऐसा लगता है उनकी परवरिश अच्छे माहौल में नहीं हुई और बचपन में उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की प्रोफेसर के एसोसिएट प्रोफेसर जेनेट स्टेनली ने कहा कि आगजनी करने वाले या आग लगाने वाले आम तौर पर युवा लड़के हैं जो 12 से 24 साल के बीच के हैं या 60 साल या इससे भी बुजुर्ग। एक पूर्व स्वयंसेवी दमकल कर्मी ब्रेंडन सोकालुक को 2009 में विक्टोरिया में आग लगाने के मामले में 17 साल नौ महीने की जेल की सजा सुनाई थी। ऑस्ट्रेलिया के सबसे घातक अग्निकांडों में से एक इस घटना में 10 लोग मारे गए थे। 

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में जानबूझ कर जंगल में आग लगाने के मामले में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सितंबर से जल रही आग से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। आग से बुरी तरह प्रभावित न्यू साउथ वेल्स (NSW), क्वींसलैंड, विक्टोरिया, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया प्रांतों से पकड़े गए इन लोगों में कई नाबालिग भी हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अकेले न्यू साउथ वेल्स में ही नवंबर से अब तक 183 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 24 पर जानबूझकर जंगलों में आग लगाने का आरोप है। विक्टोरिया में 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्वींसलैंड में पकड़े गए 101 लोगों में 70 फीसद नाबालिग हैं। पचास फीसदी जगहों पर जानबूझकर लगाई गई थी आग स्विनबर्न यूनिवर्सिटी के फोरेंसिक बिहेवियरल साइंस के निदेशक जेम्स ओग्लॉफ के मुताबिक पचास फीसदी जगहों पर आग जानबूझकर लगाई गई थी। जिन लोगों ने ऐसा किया था वह आग देखने में रुचि रखते हैं। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जेनेट स्टेनली ने कहा, आग लगाने वाले किसी वर्ग विशेष से नहीं आते। लेकिन देखने से ऐसा लगता है उनकी परवरिश अच्छे माहौल में नहीं हुई और बचपन में उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की प्रोफेसर के एसोसिएट प्रोफेसर जेनेट स्टेनली ने कहा कि आगजनी करने वाले या आग लगाने वाले आम तौर पर युवा लड़के हैं जो 12 से 24 साल के बीच के हैं या 60 साल या इससे भी बुजुर्ग। एक पूर्व स्वयंसेवी दमकल कर्मी ब्रेंडन सोकालुक को 2009 में विक्टोरिया में आग लगाने के मामले में 17 साल नौ महीने की जेल की सजा सुनाई थी। ऑस्ट्रेलिया के सबसे घातक अग्निकांडों में से एक इस घटना में 10 लोग मारे गए थे।