ऑस्ट्रेलिया में सत्ताधारी गठबंधन पर जनता ने फिर जताया भरोसा, PM मॉरीसन की चमत्कारिक जीत

pm
ऑस्ट्रेलिया में सत्ताधारी गठबंधन पर जनता ने फिर जताया भरोसा, PM मॉरीसन की चमत्कारिक जीत

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में तमाम अनुमानों और एक्जिट पोल को धता बताते हुए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जीत हासिल कर ली है। जीत से उत्साहित मॉरिसन ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ही चमत्कार में यकीन रहा है।

Australian Prime Minister Scott Morrison Wins In General Elections :

वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी विपक्ष के नेता और ऑस्ट्रेलियन लेबर पार्टी के बिल शॉर्टन ने अपनी हार स्वीकार ली है और उन्होंने साथ ही कहा है कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि, एग्जिट पोल में छह सालों में पहली बार लेबर पार्टी की जीत की संभावना जताई गई थी। 70 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें मॉरीसन की गठबंधन या तो जीत रही है या आगे चल रही है।

क्या हैं मुद्दे?

यहां चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार या जातिगत ध्रुवीकरण नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था है जिसे मतदाता किसी भी सूरत में सुधारना चाहते हैं। चुनावी मुद्दों में रहन-सहन का स्तर और स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल हैं। पिछले एक दशक में सियासी मतभेदों के चलते अस्थिर माहौल के कारण इस बार ऑस्ट्रेलिया के चुनाव बेहद अहम माने जा रहे थे।

मतदान करना अनिवार्य है अन्यथा जुर्माना

ऑस्ट्रेलिया का चुनाव भारत के चुनावों से बहुत हद तक अलग है। ऑस्ट्रेलिया में 1924 से ही मतदान अनिवार्य है और अगर किसी पंजीकृत योग्य मतदाता ने अपना वोट नहीं डाला तो उस पर भारतीय मुद्रा के अनुसार, करीब 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसीलिए मतदान 90 फीसदी से अधिक ही रहता है।

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में तमाम अनुमानों और एक्जिट पोल को धता बताते हुए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जीत हासिल कर ली है। जीत से उत्साहित मॉरिसन ने जनता का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ही चमत्कार में यकीन रहा है। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी विपक्ष के नेता और ऑस्ट्रेलियन लेबर पार्टी के बिल शॉर्टन ने अपनी हार स्वीकार ली है और उन्होंने साथ ही कहा है कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि, एग्जिट पोल में छह सालों में पहली बार लेबर पार्टी की जीत की संभावना जताई गई थी। 70 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है जिसमें मॉरीसन की गठबंधन या तो जीत रही है या आगे चल रही है। क्या हैं मुद्दे? यहां चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार या जातिगत ध्रुवीकरण नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था है जिसे मतदाता किसी भी सूरत में सुधारना चाहते हैं। चुनावी मुद्दों में रहन-सहन का स्तर और स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल हैं। पिछले एक दशक में सियासी मतभेदों के चलते अस्थिर माहौल के कारण इस बार ऑस्ट्रेलिया के चुनाव बेहद अहम माने जा रहे थे। मतदान करना अनिवार्य है अन्यथा जुर्माना ऑस्ट्रेलिया का चुनाव भारत के चुनावों से बहुत हद तक अलग है। ऑस्ट्रेलिया में 1924 से ही मतदान अनिवार्य है और अगर किसी पंजीकृत योग्य मतदाता ने अपना वोट नहीं डाला तो उस पर भारतीय मुद्रा के अनुसार, करीब 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसीलिए मतदान 90 फीसदी से अधिक ही रहता है।