ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक का दावा मरने के बाद भी इंसानों के शरीर में होती है हरकत, जानें कैसे

MURDER
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक का दावा मरने के बाद भी इंसानों के शरीर में होती है हरकत, जानें कैसे

नई दिल्ली। आपने कई ऐसी घटनाएं सुनी होंगी जिस पर यकीन करना बेहद मुश्किल होगा। ऐसी ही एक घटना से हम भी आपको रूबरू करातें हैं। माना जाता है कि मरने के बाद इंसान का शरीर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है जबकि ऐसा है नहीं। मरने के बाद भी इंसान के शरीर में हरकत होती रहती है। ऐसा करीब एक साल तक होता है। ऑस्ट्रेलिया की एक महिला वैज्ञानिक एलिसन विल्सन द्वारा किए गए शोध में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

Australian Scientist Claims That Even After Death Action Takes Place In Human Body Know How :

दरअसल, एलिसन ने एक शव पर करीब 17 महीने तक नजर रखा और शव की हर प्रतिक्रिया को कैमरे में कैद किया। एलिसन का कहना है कि इंसान की मौत भले ही हो जाती है, लेकिन उसके बाद भी शरीर हिलता-डुलता रहता है। यही वजह है कि कई बार लोग मुर्दे को भी जिंदा समझ लेते हैं।

वहीं, एलिसन विल्सन ने जानकारी दी कि शुरुआत में शव के हाथ को उसके शरीर से सटाकर रखा गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद पाया गया कि हाथ अपने आप शरीर से खिसक कर दूर हट गया है। उनका मानना है कि ऐसा शायद डीकंपोजिशन की वजह से हुआ था, क्योंकि समय के साथ जैसे-जैसे शरीर सूखता जाता है, उसमें गति भी होती रहती है।

मीडिया रिपोर्ट की माने तो एलिसन शव पर शोध करने के लिए हर महीने फ्लाइट के जरिए कैनर्स से सिडनी जाती थीं। उनका कहना है कि बचपन से ही उनके अंदर ये जानने की जिज्ञासा थी कि आखिर मौत के बाद शरीर का क्या होता है और उसमें कैसे-कैसे बदलाव होते हैं।

बता दें, फॉरेंसिक साइंस इंटरनेशनल सिनर्जी जर्नल के मुताबिक, इस शोध की मदद से मौत के बाद शव में होने वाले बदलावों को समझा जा सकेगा। वहीं, एलिसन भी अपने इस शोध से काफी खुश हैं कि दुनिया के सामने वो कुछ नया लेकर आईं।

नई दिल्ली। आपने कई ऐसी घटनाएं सुनी होंगी जिस पर यकीन करना बेहद मुश्किल होगा। ऐसी ही एक घटना से हम भी आपको रूबरू करातें हैं। माना जाता है कि मरने के बाद इंसान का शरीर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है जबकि ऐसा है नहीं। मरने के बाद भी इंसान के शरीर में हरकत होती रहती है। ऐसा करीब एक साल तक होता है। ऑस्ट्रेलिया की एक महिला वैज्ञानिक एलिसन विल्सन द्वारा किए गए शोध में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, एलिसन ने एक शव पर करीब 17 महीने तक नजर रखा और शव की हर प्रतिक्रिया को कैमरे में कैद किया। एलिसन का कहना है कि इंसान की मौत भले ही हो जाती है, लेकिन उसके बाद भी शरीर हिलता-डुलता रहता है। यही वजह है कि कई बार लोग मुर्दे को भी जिंदा समझ लेते हैं। वहीं, एलिसन विल्सन ने जानकारी दी कि शुरुआत में शव के हाथ को उसके शरीर से सटाकर रखा गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद पाया गया कि हाथ अपने आप शरीर से खिसक कर दूर हट गया है। उनका मानना है कि ऐसा शायद डीकंपोजिशन की वजह से हुआ था, क्योंकि समय के साथ जैसे-जैसे शरीर सूखता जाता है, उसमें गति भी होती रहती है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो एलिसन शव पर शोध करने के लिए हर महीने फ्लाइट के जरिए कैनर्स से सिडनी जाती थीं। उनका कहना है कि बचपन से ही उनके अंदर ये जानने की जिज्ञासा थी कि आखिर मौत के बाद शरीर का क्या होता है और उसमें कैसे-कैसे बदलाव होते हैं। बता दें, फॉरेंसिक साइंस इंटरनेशनल सिनर्जी जर्नल के मुताबिक, इस शोध की मदद से मौत के बाद शव में होने वाले बदलावों को समझा जा सकेगा। वहीं, एलिसन भी अपने इस शोध से काफी खुश हैं कि दुनिया के सामने वो कुछ नया लेकर आईं।