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मंदी से नहीं उबर पा रहा ऑटो सेक्टर, कर्मचारियों को VRS दे रही कम्पनियां

By बलराम सिंह 
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Auto Sector Cannot Recover From Recession Companies Giving Vrs To Employees

नई दिल्ली। देश में आटो मोबाइल सेक्टर दो दशक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। विगत सितंबर का महीना भी ऑटो सेक्टर के लिए मुसीबत भरा रहा। अब टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने अपने स्थाई कर्मियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए बोल दिया है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि त्योहारों के सीजन में ऑटो सेक्टर में उछाल आएगा, लेकिन ऐसा नहीं रहा।

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जानकारी के मुताबिक जापान की कम्पनी टोयोटा मोटर कापोर्रेशन की भारतीय सब्सिडियरी कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर चौथी ऐसा कंपनी बन गई है जिसने अपने कर्मचारियो के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना शुरू की है। इससे पहले जनरल मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, अशोक लेलैंड ने दो महीने पहले वीआरएस शुरू किया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने इस स्कीम में स्थाई कर्मचारियों को शामिल किया है।

इससे पहले अशोक लेलैंड ने अगस्त में अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी ही स्कीम लॉन्च की थी। कम्पनी ने गाड़ियों के उत्पादन में भी भारी कटौती की थी। इसके साथ ही दिग्गज दो पहिया कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने घाटे को पूरा करने के लिए सितंबर में अपने कर्मचारियों के लिए वीआरएस स्कीम लॉन्च की थी। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियां मुख्य रूप से कर्मचारियों के लिए इस तरह की योजनाएं इसलिए लाती हैं, ताकि ऑपरेशन कॉस्ट में कमी आए और उनका लाभ बढ़े।

कम्पनियों ने उत्पादन में की कमी

इस साल के शुरुआती छह महीनों में टोयोटा किर्लोस्कर के उत्पादन में 37 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प के उत्पादन में 36 फीसदी की कमी आई है। इसके अलावा अप्रैल से सितंबर 2019 के बीच अशोक लेलैंड ने उत्पादन में 18 फीसदी की कटौती की है।

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