विश्व एड्स दिवस के मौके पर हैदरगढ़ में निकाली गई जागरूकता रैली

हैदरगढ़: 1 दिसंबर को पूरी दुनिया में विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पूरी दुनिया को इस बीमारी के खिलाफ एकजुट होकर लडऩे का मौका देता है। विश्व एड्स दिवस के मौके पर ग्राम्यांचल पीजी कालेज हैदरगढ़ में ‘‘प्रज्ञा संवर्द्धन‘‘ के तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से व्याख्यान माला, रैली एवं मानव शृंखला का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. केके त्रिपाठी एवं डॉ. जारा खान ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को एड्स के विषय में जानकारी दी।




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इस मौके पर छात्रों द्वारा पंडित सुरेन्द्र नाथ अवस्थी स्टेडियम में एड्स के प्रतीक चिह्न का निर्माण किया गया। लगभग तीन किलोमीटर मानव श्रृंखला बनाकर छात्रों ने एक जागरूकता रैली निकाली। समस्त कार्यक्रमों में समिति की अध्यक्षा प्रेमा अवस्थी एवं प्रबन्धतन्त्र की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रज्ञा संवर्द्धन के सदस्यों डाॅ0 उधम सिह, डाॅ० लालमणि शुक्ल, डाॅ0 सुनील चौहान, डाॅ0 राम कुमारी पाण्डेय, प्रदीप कुमार, डाॅ0 फराह हाशमी, डाॅ0 ऋचा शुक्ला एवं अन्य प्रवक्ताओं, कर्मचारियों एवं प्रबंधक व सह प्रबंधक का सहयोग रहा।




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आपको बता दें कि एड्स पहली ऐसी बीमारी थी जिसके लिए सन 1988 में पूरी दुनिया ने एक साथ होने के लिए 1 दिसंबर को चुना। जिसका उद्देश्य, एचआईवी एड्स से ग्रसित लोगों की मदद करने के लिए धन जुटाना, लोगों में एड्स को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना और एड्स से जुड़े मिथ को दूर करते हुए लोगों को शिक्षित करना था। इस बीमारी का पहला केस जो 1981 में सामने आया था, जब से लेकर अब तक करीब 39 मिलियन से ज्यादा लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं। आपको यह भी बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अफ्रीका में एचआईवी के सबसे ज्यादा मरीज यानी 24.7 मिलियन मरीज हैं और यह आकंडा पूरी दुनिया में पाए जाने वाले मरीजों का 71 प्रतिशत है।
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Awareness Rally Taken Out In Haidergarh On The Occasion Of World Aids Day :

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हैदरगढ़: 1 दिसंबर को पूरी दुनिया में विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पूरी दुनिया को इस बीमारी के खिलाफ एकजुट होकर लडऩे का मौका देता है। विश्व एड्स दिवस के मौके पर ग्राम्यांचल पीजी कालेज हैदरगढ़ में ‘‘प्रज्ञा संवर्द्धन‘‘ के तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से व्याख्यान माला, रैली एवं मानव शृंखला का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. केके त्रिपाठी एवं डॉ. जारा खान ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को एड्स के विषय में जानकारी दी। dsc_0028 इस मौके पर छात्रों द्वारा पंडित सुरेन्द्र नाथ अवस्थी स्टेडियम में एड्स के प्रतीक चिह्न का निर्माण किया गया। लगभग तीन किलोमीटर मानव श्रृंखला बनाकर छात्रों ने एक जागरूकता रैली निकाली। समस्त कार्यक्रमों में समिति की अध्यक्षा प्रेमा अवस्थी एवं प्रबन्धतन्त्र की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रज्ञा संवर्द्धन के सदस्यों डाॅ0 उधम सिह, डाॅ० लालमणि शुक्ल, डाॅ0 सुनील चौहान, डाॅ0 राम कुमारी पाण्डेय, प्रदीप कुमार, डाॅ0 फराह हाशमी, डाॅ0 ऋचा शुक्ला एवं अन्य प्रवक्ताओं, कर्मचारियों एवं प्रबंधक व सह प्रबंधक का सहयोग रहा। dsc_0024 आपको बता दें कि एड्स पहली ऐसी बीमारी थी जिसके लिए सन 1988 में पूरी दुनिया ने एक साथ होने के लिए 1 दिसंबर को चुना। जिसका उद्देश्य, एचआईवी एड्स से ग्रसित लोगों की मदद करने के लिए धन जुटाना, लोगों में एड्स को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना और एड्स से जुड़े मिथ को दूर करते हुए लोगों को शिक्षित करना था। इस बीमारी का पहला केस जो 1981 में सामने आया था, जब से लेकर अब तक करीब 39 मिलियन से ज्यादा लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं। आपको यह भी बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अफ्रीका में एचआईवी के सबसे ज्यादा मरीज यानी 24.7 मिलियन मरीज हैं और यह आकंडा पूरी दुनिया में पाए जाने वाले मरीजों का 71 प्रतिशत है। dsc_0019dsc_0014dsc_0012dsc_0010