मनमानी : बिना अतिरिक्त कर लगाए बेंचे डाले 20 भूखंड, आवास-विकास को लगा 33 करोड़ का चूना

awas vikas parishad
मनमानी : बिना अतिरिक्त कर लगाए बेंचे डाले 20 भूखंड, आवास-विकास को लगा 33 करोड़ का चूना

लखनऊ। सीएजी की एक जांच में आवास – विकास के अधिकारियों की ऐसी लापरवाह उजागर हुई, जिससे विभाग को करीब 33 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ। दरअसल राज्य सरकार ने विभाग को आदेश दिया था कि जितने भी भूखण्डो की बिक्री की जाएगी, उन पर दस प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया जाएगा। ये पैसा प्रदेश के अलग—अलग बैंको में जमा कराया जाएगा।

Awas Vikas Officer Not Recover Extra Tax From Customer :

बताया गया कि अतिरिक्त कर से जितना पैसा जमा होगा, उसका प्रयोग जल निकासी, सीवर निर्माण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था समेत अन्य कामों पर खर्च किया जाएगा। वहीं इन कामों के बाद जो भी पैसा बचेगा उसका प्रयोग सौन्दर्यीकरण के लिए किया जाएगा।

कैग की जांच मे सामने आया कि चार सम्पत्ति कार्यालयों ने कुल सवा लाख वर्गमीटर जमीन को चार हिस्सों में बांटकर भूखण्डों को बेंच दिया। ये भूखण्ड 338.89 करोड़ मे बेंचे गए। आवास आयुकत के मुताबिक इन भूखण्डों में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर नहीं लिया गया। राज्य सरकार के आदेशों के मुताबिक अगर इनमें दस फीसदी अतिरिक्त कर लिया जाता तो करीब 33 करोड़ रूपए जमा होता।

इस मामले में विभाग ने तर्क दिया कि अगस्त 2017 तक किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर नहीं लगाया गया था। वहीं कैग का कहना था कि सितंबर 1999 के बाद अतिरिक्त कर छूअ के लिए किसी भी प्रकार का कोई पत्र व्यवहार नहीं किया गया। ऐसे में शासन ने जब कोई छूट नहीं दी तो विभाग ने अतिरिक्त कर क्यों नहीं लिया गया।

लखनऊ। सीएजी की एक जांच में आवास - विकास के अधिकारियों की ऐसी लापरवाह उजागर हुई, जिससे विभाग को करीब 33 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ। दरअसल राज्य सरकार ने विभाग को आदेश दिया था कि जितने भी भूखण्डो की बिक्री की जाएगी, उन पर दस प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया जाएगा। ये पैसा प्रदेश के अलग—अलग बैंको में जमा कराया जाएगा।बताया गया कि अतिरिक्त कर से जितना पैसा जमा होगा, उसका प्रयोग जल निकासी, सीवर निर्माण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था समेत अन्य कामों पर खर्च किया जाएगा। वहीं इन कामों के बाद जो भी पैसा बचेगा उसका प्रयोग सौन्दर्यीकरण के लिए किया जाएगा।कैग की जांच मे सामने आया कि चार सम्पत्ति कार्यालयों ने कुल सवा लाख वर्गमीटर जमीन को चार हिस्सों में बांटकर भूखण्डों को बेंच दिया। ये भूखण्ड 338.89 करोड़ मे बेंचे गए। आवास आयुकत के मुताबिक इन भूखण्डों में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर नहीं लिया गया। राज्य सरकार के आदेशों के मुताबिक अगर इनमें दस फीसदी अतिरिक्त कर लिया जाता तो करीब 33 करोड़ रूपए जमा होता।इस मामले में विभाग ने तर्क दिया कि अगस्त 2017 तक किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर नहीं लगाया गया था। वहीं कैग का कहना था कि सितंबर 1999 के बाद अतिरिक्त कर छूअ के लिए किसी भी प्रकार का कोई पत्र व्यवहार नहीं किया गया। ऐसे में शासन ने जब कोई छूट नहीं दी तो विभाग ने अतिरिक्त कर क्यों नहीं लिया गया।