बिना मालिकाना हक के आवास विकास परिषद ने पास किया ओपी चेंस का नक्शा…

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बिना मालिकाना हक के आवास विकास परिषद ने पास किया ओपी चेंस का नक्शा...

Awas Vikas Parishad Uttar Pradesh Op Chains Group

आगरा। आवास विकास परिषद के अधिकारियों और आगरा के जाने-माने रियल स्टेट कारोबारी ओपी चेंस ग्रुप की मिली भगत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आवास विकास के सेक्टर 15 और सेक्टर 12 (डी) में 1,44,869 वर्ग मीटर जमीन की नीलामी गुपचुप तरीके से ओपी चेंस ग्रुप की सहयोगी कंपनी के पक्ष में किए जाने और जमीन के वास्तविक मालिकों यानी किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में खुद विभागीय अधिकारियों ने पत्र जारी किए थे।

जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि ओपी चेंस ग्रुप ने जिस 144869.3 वर्गमीटर की जमीन पर एंथेला और एंथम प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, उस जमीन को लेकर 45 सालों तक आवास विकास परिषद् और आगरा के किसानों की भारत नगर सहकारी आवास समिति के बीच विवाद था। इसी विवाद का फायदा ओपी चेंस ग्रुप ने उठाया और कानूनी आधार को नजरंदाज कर इस जमीन की नीलामी का षड्यंत्र तैयार किया।

जिसके बाद कंपनी के मालिकान ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों से सांठगांठ कर उस बेशकीमती जमीन को कौड़ियों के भाव ले लिया। जबकि इस जमीन का पूर्ण मालिकाना हक आवास विकास के पास भी नही था। अधिकारियों और कंपनी के मालिकान की दोस्ती यही समाप्त नही हुई, इसके बाद कंपनी ने विभाग से वहां बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का नक्शा भी पास करवा लिया। अब सवाल ये उठता है कि जब जमीन का असली मालिक अभी भी किसान है तो ​विभाग ने कंपनी को जमीन कैसे बेंची और उसका नक्शा कैसे पास हुआ। इस पूरे प्रकरण में कही न कही कंपनी और आवास विकास परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हो रही है, जिसका खामियाजा गरीब किसान भुगत रहे है।

आवास विकास परिषद द्वारा जारी किया गया पत्र
आवास विकास परिषद द्वारा जारी किया गया पत्र

आवास विकास परिषद द्वारा दिनांक 16-11-2016 को अधीक्षण अभियंता कमला नगर, आगरा को अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार ने पत्र जारी कर सेक्टर-15 में भारत नगर गृह निर्माण सहकारी आवास समिति से विवादित 38.73 एकड़ भूमि के निस्तारण के संबंध में जवाब मांगा था। ठीक इसी विवाद को लेकर एक पत्र आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार द्वारा 01-02-2017 को अधीक्षण अभियंता के नाम दोबारा लिखा गया, जो अविकसित भू-भाग पर भौतिक कब्जा निर्गत कराने के संबंध में भेजा गया। इन दोनों पत्रों की कॉपी नीचे दी गयी है।

तत्कालीन आवास आयुक्त की मिलीभगत से हुआ खेल-

जब मामले की तह में जाने की कोशिश की गयी तो पता चला कि तत्कालीन आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह की मिलीभगत से इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया। सूत्रों की मानें तो इस पूरे प्रोजेक्ट को हथियाने में पर्दे के पीछे से सैकड़ों करोड़ रुपयों का बंदरबांट किया गया। बताया जाता है कि तत्कालीन आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह के पास कई बेनामी संपत्तियां हैं, उनमें से कुछ राजधानी लखनऊ में भी मौजूद हैं।

ओपी चेंस ग्रुप और आवास विकास परिषद की मिलीभगत को लेकर पर्दाफाश जल्द ही पूरे मामले का बड़ा खुलासा करेगा।

आगरा। आवास विकास परिषद के अधिकारियों और आगरा के जाने-माने रियल स्टेट कारोबारी ओपी चेंस ग्रुप की मिली भगत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आवास विकास के सेक्टर 15 और सेक्टर 12 (डी) में 1,44,869 वर्ग मीटर जमीन की नीलामी गुपचुप तरीके से ओपी चेंस ग्रुप की सहयोगी कंपनी के पक्ष में किए जाने और जमीन के वास्तविक मालिकों यानी किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में खुद विभागीय अधिकारियों ने पत्र जारी किए थे। जैसा कि हम आपको…