बेल के गज़ब फायदे, अस्थमा दूर रखने के साथ दूर करता है कब्ज की समस्या

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बेल स्वाद मे ही नहीं बल्कि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। बेल के फल व पत्ते दोनों को समान रूप से उपयोगी माना गया है. आपको बता दे बेल के फल का गुदे में क्यूसिलेज पेक्टिन तथा टेनिन आदि रसायन पाए जाते हैं और फल का गूदा, पत्ते, मूल एवं छाल का चूर्ण तथा पेड़ के अन्य सभी अंग एवं अवयव उपयोग में लिए जाते हैं.

Awesome Benefits Of Vine Keep Away Asthma And Relieve Constipation Problem :

बेल का चूर्ण बनाने के लिए कच्चा, मुरब्बे केदा लाभकारी होता लिए अधपका व ताजे शर्बत के लिये पके हुए फल का उपयोग होता है. कहते हैं बेल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्या है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं इसके फायदों के बारे में…

कब्ज

उदर विकारों में बेल का फल दवा के रूप में उपयोग होता है और फल के नियमित सेवन से कब्ज जड़ से खत्म हो जाता है.

आंखों का संक्रमण 

कहा जाता है बेल-पत्रों को आंखों में होने वाले विभिन्न संक्रमण तथा सूजन के निदान में व्यवहार किया जाता है. वैसे खासकर से नेत्र-शोध यह बहुत प्रभावी होता है.

अस्थमा

कहा जाता है बेल-पत्रों से बना काढ़ा सर्दी-जुकाम के कहर को कम करता है. इसी के साथ ही यह सर्दी से होने वाली श्लेष्मा (कफ) को कम करता है व अस्थमा के प्रसार को धीमा करता है.

बुखार

आप सभी को बता दें कि बेल-मूल तथा पेड़ का छाल से बने क्वाथ से विभिन्न तरह के ज्वरों का उपचार किया जाता है. वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सा में बेल-मूलों से वात-कफ-पित्त से होने वाले दोषों तथा ज्वरों को सही किया जाता है.

बेल स्वाद मे ही नहीं बल्कि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। बेल के फल व पत्ते दोनों को समान रूप से उपयोगी माना गया है. आपको बता दे बेल के फल का गुदे में क्यूसिलेज पेक्टिन तथा टेनिन आदि रसायन पाए जाते हैं और फल का गूदा, पत्ते, मूल एवं छाल का चूर्ण तथा पेड़ के अन्य सभी अंग एवं अवयव उपयोग में लिए जाते हैं. बेल का चूर्ण बनाने के लिए कच्चा, मुरब्बे केदा लाभकारी होता लिए अधपका व ताजे शर्बत के लिये पके हुए फल का उपयोग होता है. कहते हैं बेल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्या है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं इसके फायदों के बारे में...

कब्ज

उदर विकारों में बेल का फल दवा के रूप में उपयोग होता है और फल के नियमित सेवन से कब्ज जड़ से खत्म हो जाता है.

आंखों का संक्रमण 

कहा जाता है बेल-पत्रों को आंखों में होने वाले विभिन्न संक्रमण तथा सूजन के निदान में व्यवहार किया जाता है. वैसे खासकर से नेत्र-शोध यह बहुत प्रभावी होता है.

अस्थमा

कहा जाता है बेल-पत्रों से बना काढ़ा सर्दी-जुकाम के कहर को कम करता है. इसी के साथ ही यह सर्दी से होने वाली श्लेष्मा (कफ) को कम करता है व अस्थमा के प्रसार को धीमा करता है.

बुखार

आप सभी को बता दें कि बेल-मूल तथा पेड़ का छाल से बने क्वाथ से विभिन्न तरह के ज्वरों का उपचार किया जाता है. वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सा में बेल-मूलों से वात-कफ-पित्त से होने वाले दोषों तथा ज्वरों को सही किया जाता है.