अयोध्या मामला: फैसले पर बोेले अमित शाह, मील का पत्थर साबित होगा निर्णय

Amit shah
अयोध्या मामला: फैसले पर बोेले अमित शाह, मील का पत्थर साबित होगा निर्णय

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर आये फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूँ कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें।

Ayodhya Case Amit Shah Said On The Verdict The Decision Will Prove To Be A Milestone :

उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय मील का पत्थर साबित होगा है। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और मजबूती प्रदान करेगा।

गृहमंत्री ने कहा कि दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूँ। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत, सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और जिन्होंने इतने वर्षों तक प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि हिंदू मानते हैं कि भगवान राम विवादित स्थान पर पैदा हुए थे। उन्होंने यह बात खचाखच भरे अदालत कक्ष में अयोध्या भूमि विवाद का एकमत फैसला पढ़ते हुए कही। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण विभाग की रिपोर्ट में कही बात को मानते हुए कहा, “बाबरी मस्जिद का निमार्ण खाली जमीन पर नहीं हुआ था। विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था।” अदालत ने कहा कि निमोर्ही अखाड़े का दावा केवल प्रबंधन का है। सरकार ने अखाड़े की याचिका को खारिज कर दिया।

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर आये फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूँ कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय मील का पत्थर साबित होगा है। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और मजबूती प्रदान करेगा। गृहमंत्री ने कहा कि दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूँ। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत, सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और जिन्होंने इतने वर्षों तक प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि हिंदू मानते हैं कि भगवान राम विवादित स्थान पर पैदा हुए थे। उन्होंने यह बात खचाखच भरे अदालत कक्ष में अयोध्या भूमि विवाद का एकमत फैसला पढ़ते हुए कही। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सवेर्क्षण विभाग की रिपोर्ट में कही बात को मानते हुए कहा, “बाबरी मस्जिद का निमार्ण खाली जमीन पर नहीं हुआ था। विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था।” अदालत ने कहा कि निमोर्ही अखाड़े का दावा केवल प्रबंधन का है। सरकार ने अखाड़े की याचिका को खारिज कर दिया।