अयोध्या मामले में सुनवाई कल, SC ने सुब्रमण्यम स्वामी को मौजूद रहने को कहा

swami
अयोध्या मामले में सुनवाई कल, SC ने सुब्रमण्यम स्वामी को मौजूद रहने को कहा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद मामले की सुनवाई से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में एक दलील पेश दी है। कोर्ट के समक्ष अपनी दलील में उन्होंने कहा कि उन्हें अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद स्थल पर प्रार्थना करने का मौलिक अधिकार है। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई बोले कि राम मंदिर मामले में कल सुनवाई होगी। वह केस कल की सूची में है. आप कल कोर्ट में मौजूद रहें।

Ayodhya Case Bjp Mp Subramanian Swamy Mentions His Writ Petition Before Sc :

पहले कोर्ट की फटकार खा चुके स्वामी

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल स्वामी को अयोध्या मामले की सुनवाई में बार-बार दखल देने पर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस विवाद में सिर्फ पक्षकार को ही अपनी बात रखने का अधिकार है। स्वामी ने इस बार याचिका अलग से दाखिल की है, इसीलिए बेंच ने इसे सुनवाई के योग्य माना।

इससे पहले दिसबंर 2018 में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है, इसलिए अयोध्या का विवादित स्थल मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे में मंदिर होने की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए मुसलमान समाज को अब इस जमीन पर दावा छोड़ देना चाहिए, ताकि राममंदिर का निर्माण हो सके।

किस मामले पर होनी है सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की 2.77 एकड़ भूमि विवाद से संबंधित मामले में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं। ये सभी अपीलें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मई, 2011 को स्टे का ऑर्डर दिया था।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि भूमि विवाद मामले की सुनवाई से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में एक दलील पेश दी है। कोर्ट के समक्ष अपनी दलील में उन्होंने कहा कि उन्हें अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद स्थल पर प्रार्थना करने का मौलिक अधिकार है। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई बोले कि राम मंदिर मामले में कल सुनवाई होगी। वह केस कल की सूची में है. आप कल कोर्ट में मौजूद रहें। पहले कोर्ट की फटकार खा चुके स्वामी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल स्वामी को अयोध्या मामले की सुनवाई में बार-बार दखल देने पर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस विवाद में सिर्फ पक्षकार को ही अपनी बात रखने का अधिकार है। स्वामी ने इस बार याचिका अलग से दाखिल की है, इसीलिए बेंच ने इसे सुनवाई के योग्य माना। इससे पहले दिसबंर 2018 में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है, इसलिए अयोध्या का विवादित स्थल मुस्लिमों को छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे में मंदिर होने की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए मुसलमान समाज को अब इस जमीन पर दावा छोड़ देना चाहिए, ताकि राममंदिर का निर्माण हो सके। किस मामले पर होनी है सुनवाई? सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की 2.77 एकड़ भूमि विवाद से संबंधित मामले में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं। ये सभी अपीलें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मई, 2011 को स्टे का ऑर्डर दिया था।