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अयोध्या केस: सीजेआई ने शुरू किया फैसला पढ़ना, देश भर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद

Ayodhya Case Cji Starts Reading Decision Security System Chalked Across The Country

By बलराम सिंह 
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नई दिल्ली। राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने में चंद मिनट शेष हैं। इस बहुप्रतीक्षित फैसले से पहले देश भर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न धर्म गुरुओं ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।

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दिल्ली में फैसला सुनाने वाली संविधान पीठ के पांचों न्यायाधीशों के आवास के बाहर शुक्रवार रात से सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस संवेदनशील मामले में फैसला शनिवार सुबह साढ़े दस बजे सुनाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि फर्जी या भड़काऊ सामग्री से माहौल को बिगाड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर किये जाने वाले पोस्ट पर भी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए है। वहीं, रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले से पहले अयोध्या छावनी में तब्दील हो गयी है।

राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुनाए जाने वाले फैसले के मद्देनजर शनिवार को उच्चतम न्यायालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 40 दिन तक चली मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

केशवानंद भारती मामले में रिकॉर्ड 68 दिन तक चली सुनवाई के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई थी। वहीं, फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद कर दी गई है। इस बीच, अयोध्या मामले पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर न फैलाएं अफवाह
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अयोध्या फैसले को लेकर कहा, ‘मैं उत्तराखंड के लोगों से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला दे, वह उसे स्वीकार करें। सोशल मीडिया या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर कोई भी अफवाह न फैलाएं और आपत्तिजनक टिप्पणी न करें जिससे कि सामाजिक सद्भाव पर असर पड़े।

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सभी करें कोर्ट के फैसले का सम्मान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए। इसे लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। हम सभी से अपील करते हैं कि नकारात्मक माहौल न बनाएं, सौहार्द को बनाए रखा जाए।’

गृह मंत्री ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल होंगे।

शहर में सबकुछ है सामान्य
अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा, ‘विवादित भूमि को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। शहर में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। शहर में सबकुछ सामान्य है। हम नकारात्मक तत्वों पर नजर रखेंगे।

शांति और सद्भाव में रहना रखें जारी
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘अयोध्या पर फैसले से पहले सभी से अपील है कि वह माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें। आइए हम शांति और सद्भाव में रहना जारी रखें। भाईचारे की भावना हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की पहचान है।’

मंदिर जाने पर नहीं है कोई प्रतिबंध
यूपी पुलिस के एडीजी (अभियोजन) आशुतोष पांडेय ने अयोध्या के फैसले पर कहा, ‘भक्त श्री राम लला के मंदिर जा रहे हैं। मंदिर जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं हैं। सभी बाजार खुले हुए हैं, परिस्थिति पूरी तरह से सामान्य है। अर्धसैनिक बलों की 60 कंपनियां, आरपीएफ, पीएसी और 1200 पुलिस कांस्टेबल, 250 सब-इंस्पेक्टर, 20 उप-एसपी और दो एसपी तैनाती किए गए हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए डबल लेयर बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, 35 सीसीटीवी और 10 ड्रोन को तैनात किया गया है।

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दिल्ली में नहीं होगी किसी तरह की गड़बड़ी
दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त आईडी शुक्ला ने कहा, ‘अयोध्या के फैसले से पहले दिल्ली पुलिस ने अर्धसैनिक बलों की मदद से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी का कोई सवाल नहीं है, चाहे वह सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट की सुरक्षा हो या वीआईपी-वीवीआईपी की सुरक्षा हो, इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

मोहन भागवत करेंगे देश को संबोधित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज दोपहर एक बजे देश को संबोधित करेंगे।

अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, हवाई सर्विलांस
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, ‘हमने विश्वास बनाए रखने के उपाय किए हैं। हमने धार्मिक नेताओं और नागरिकों के साथ राज्य भर में लगभग 10,000 बैठकें कीं। हमने राज्य के लोगों से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाए। अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। हवाई सर्विलांस किया जा रहा है। खुफिया तंत्र को तैयार किया गया है, तलाशी की जा रही है। एडीजी रैंक के अधिकारी की अयोध्या में तैनाती की गई है ताकि ऑपरेशन पर नजर बनाकर रखी जा सके।

पंजाब में हाई अलर्ट
अयोध्या पर फैसले को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा है।

रामलला के पुजारी ने की शांति बनाए रखने की अपील
रामलला के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री ने सही कहा है कि अयोध्या का फैसला किसी की हार या जीत नहीं है।

मोबाइल सेवा और स्कूल बंद
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर राजस्थान सरकार ने कल सुबह छह बजे तक के लिए मोबाइल सेवा बंद कर दी हैं। इसके अलावा आज राज्य के सभी स्कूल बंद रहेंगे। जैसलमेर में 30 नवंबर तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। जयपुर आयुक्तालय में में 10 आज सुबह 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

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ये जज सुनाएंगे फैसला
अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर हुई थीं 14 अपील
साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2.77 एकड़ विवादित जगह को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपील दायर की गई थीं।

16000 वॉलियंटर्स तैनात
अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी संप्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए 3,000 लोगों को चिह्नित करके उनकी निगरानी की जा रही है।

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