अयोध्या केस: सुन्नी वक्फ बोर्ड नही दायर करेगी पुनर्विचार याचिका

Zafar Farooqui
अयोध्या केस: सुन्नी वक्फ बोर्ड नही दायर करेगी पुनर्विचार याचिका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद का फैसला हिन्दू पक्ष् में सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक विवादित भूमि पर अब राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए आयोध्या में ही दूसरी जगह 5 एकड़ जमीद देने का भी फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए सरकार को निर्देशित भी किया है। हालांकि मुस्लिम पक्ष पुर्नविचार याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारुकी ने कहा कि बोर्ड अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका नहीं दायर करेगा।

Ayodhya Case Sunni Waqf Board Will Not File Reconsideration Petition :

आपको बता दें कि जफर फारूकी सुन्नी वक्फ बोर्ड एक अहम पक्षकार है, न्यूज एजेन्सी से उन्होने कहा कि बोर्ड की ओर से फैसले का स्वागत किया गया है, पहले भी बोर्ड द्वारा कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आयेगा वो हमे स्वीकार होगा। फारुकी ने कहा हम सबको भाईचारे के साथ फैसले का सम्मान करना चाहिए। जब फारूकी से पूछा गया कि ओवैसी ने फैसले पर असहमति जताई है तो उन्होने कहा कि ओवैसी कौन हैं, मैं उनको नहीं जानता और न ही कभी उनसे मिला हूं। वहीं कल्बे जव्वाद शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि हम विनम्रतापूर्वक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।

आपको बता दें कि कई दशकों से चल रहे अयोध्या भूमि विवाद को लेकर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 40 दिन लगातार चली सुनवाई के बाद आज शनिवार को सर्वसम्मति के साथ यह फैसला सुनाया है। राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाने के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से तीन महीने में ट्रस्ट बनवाकर मन्दिर निर्माण की शुरूवात करने का आदेश दिया है।

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद का फैसला हिन्दू पक्ष् में सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक विवादित भूमि पर अब राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए आयोध्या में ही दूसरी जगह 5 एकड़ जमीद देने का भी फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए सरकार को निर्देशित भी किया है। हालांकि मुस्लिम पक्ष पुर्नविचार याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारुकी ने कहा कि बोर्ड अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका नहीं दायर करेगा। आपको बता दें कि जफर फारूकी सुन्नी वक्फ बोर्ड एक अहम पक्षकार है, न्यूज एजेन्सी से उन्होने कहा कि बोर्ड की ओर से फैसले का स्वागत किया गया है, पहले भी बोर्ड द्वारा कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आयेगा वो हमे स्वीकार होगा। फारुकी ने कहा हम सबको भाईचारे के साथ फैसले का सम्मान करना चाहिए। जब फारूकी से पूछा गया कि ओवैसी ने फैसले पर असहमति जताई है तो उन्होने कहा कि ओवैसी कौन हैं, मैं उनको नहीं जानता और न ही कभी उनसे मिला हूं। वहीं कल्बे जव्वाद शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि हम विनम्रतापूर्वक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। आपको बता दें कि कई दशकों से चल रहे अयोध्या भूमि विवाद को लेकर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 40 दिन लगातार चली सुनवाई के बाद आज शनिवार को सर्वसम्मति के साथ यह फैसला सुनाया है। राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाने के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से तीन महीने में ट्रस्ट बनवाकर मन्दिर निर्माण की शुरूवात करने का आदेश दिया है। .