अयोध्या: भव्य श्रीराम मंदिर में एक साथ होंगे रामलला और राजा राम के दर्शन, बनेंगे दो गर्भगृह

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अयोध्या: भव्य श्रीराम मंदिर में एक साथ होंगे रामलला और राजा राम के दर्शन, बनेंगे दो गर्भगृह

अयोध्या। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राम जन्मभूमि न्यास के नक्शे में जिस दो मंजिल मंदिर का प्रारूप तैयार किया गया है। उसमें भूतल पर रामलला विराजमान होंगे। वहीं प्रथम तल पर श्रद्धालुओं को राजा राम के दरबार का दर्शन मिलेगा। मंदिर के इसी मॉडल पर श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी आगे बढ़ रहा है।

Ayodhya Ram Lalla And King Ram Will Be Together In The Grand Shri Ram Temple Two Garbhagriha Will Be Built :

मंदिर निर्माण से जुड़े वास्तुकारों का कहना है कि राम मंदिर दो से ढाई वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। विहिप के निर्देशन में प्रस्तावित मंदिर के लिए शिलाओं को तराशने का काम 1991 से रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में चल रहा है। कार्यशाला में करीब एक लाख घन फीट पत्थरों को तराशने का काम पूरा हो चुका है। दो मंजिला मंदिर के लिए अभी करीब 75 हजार घन फीट पत्थर और तराशे जाने हैं।

राम जन्म भूमि पर प्रस्तावित मंदिर 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा एवं 128 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की प्रथम पीठिका आठ फीट ऊंची होगी। इस तक प्रशस्त सीढिय़ों से पहुंचा जा सकेगा। इसी पीठिका पर मंदिर का 10 फीट चौड़ा परिक्रमा मार्ग होगा। चार फीट नौ इंच ऊंची एक आधार पीठ पर मंदिर का निर्माण होना है। अग्रभाग, सिंह द्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह के रूप में मंदिर के मुख्यतया पांच प्रखंड होंगे।

दो तल के मंदिर की पहली मंजिल 18 फीट दूसरी मंजिल 15 फीट नौ इंच ऊंची होगी। मंदिर में 212 स्तंभ लगेंगे। प्रथम मंजिल में 106 एवं इतने ही दूसरी मंजिल पर लगेंगे। प्रथम मंजिल पर लगने वाले स्तंभों की ऊंचाई 16 फीट तीन इंच एवं दूसरी मंजिल पर लगने वाले स्तंभों की ऊंचाई 15 फीट नौ इंच होगी।

प्रत्येक स्तंभ पर यक्ष-यक्षिणियों की 16 मूर्तियां और अन्य कलाकृतियां उत्कीर्ण हैं। इनका व्यास चार से पांच फीट तक है। जिस कक्ष में रामलला विराजेंगे, उसके ऊपर 16 फीट तीन इंच का दूसरा गर्भगृह होगा और इस गर्भगृह में भगवान राम राजा के रूप में चारो भाइयों, मां सीता और हनुमान जी के साथ विराजेंगे।

प्रस्तावित मंदिर के दोनों तलों पर बनने वाले गर्भगृह काफी भव्य होंगे। दोनों गर्भगृह 20 फीट लंबे और इतना ही चौड़े होंगे। हालांकि इनकी ऊंचाई में कुछ फर्क होगा। प्रथम तल का गर्भगृह 18 फीट ऊंचा एवं दूसरे तल का गर्भगृह 16 फीट तीन इंच ऊंचा होगा। कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा के अनुसार प्रस्तावित मंदिर के जिन दो तिहाई पत्थरों की तराशी हो चुकी है, उनमें दोनों गर्भगृह के पत्थर भी शामिल हैं।

अयोध्या। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राम जन्मभूमि न्यास के नक्शे में जिस दो मंजिल मंदिर का प्रारूप तैयार किया गया है। उसमें भूतल पर रामलला विराजमान होंगे। वहीं प्रथम तल पर श्रद्धालुओं को राजा राम के दरबार का दर्शन मिलेगा। मंदिर के इसी मॉडल पर श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी आगे बढ़ रहा है। मंदिर निर्माण से जुड़े वास्तुकारों का कहना है कि राम मंदिर दो से ढाई वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। विहिप के निर्देशन में प्रस्तावित मंदिर के लिए शिलाओं को तराशने का काम 1991 से रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में चल रहा है। कार्यशाला में करीब एक लाख घन फीट पत्थरों को तराशने का काम पूरा हो चुका है। दो मंजिला मंदिर के लिए अभी करीब 75 हजार घन फीट पत्थर और तराशे जाने हैं। राम जन्म भूमि पर प्रस्तावित मंदिर 268 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा एवं 128 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की प्रथम पीठिका आठ फीट ऊंची होगी। इस तक प्रशस्त सीढिय़ों से पहुंचा जा सकेगा। इसी पीठिका पर मंदिर का 10 फीट चौड़ा परिक्रमा मार्ग होगा। चार फीट नौ इंच ऊंची एक आधार पीठ पर मंदिर का निर्माण होना है। अग्रभाग, सिंह द्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह के रूप में मंदिर के मुख्यतया पांच प्रखंड होंगे। दो तल के मंदिर की पहली मंजिल 18 फीट दूसरी मंजिल 15 फीट नौ इंच ऊंची होगी। मंदिर में 212 स्तंभ लगेंगे। प्रथम मंजिल में 106 एवं इतने ही दूसरी मंजिल पर लगेंगे। प्रथम मंजिल पर लगने वाले स्तंभों की ऊंचाई 16 फीट तीन इंच एवं दूसरी मंजिल पर लगने वाले स्तंभों की ऊंचाई 15 फीट नौ इंच होगी। प्रत्येक स्तंभ पर यक्ष-यक्षिणियों की 16 मूर्तियां और अन्य कलाकृतियां उत्कीर्ण हैं। इनका व्यास चार से पांच फीट तक है। जिस कक्ष में रामलला विराजेंगे, उसके ऊपर 16 फीट तीन इंच का दूसरा गर्भगृह होगा और इस गर्भगृह में भगवान राम राजा के रूप में चारो भाइयों, मां सीता और हनुमान जी के साथ विराजेंगे। प्रस्तावित मंदिर के दोनों तलों पर बनने वाले गर्भगृह काफी भव्य होंगे। दोनों गर्भगृह 20 फीट लंबे और इतना ही चौड़े होंगे। हालांकि इनकी ऊंचाई में कुछ फर्क होगा। प्रथम तल का गर्भगृह 18 फीट ऊंचा एवं दूसरे तल का गर्भगृह 16 फीट तीन इंच ऊंचा होगा। कार्यशाला के प्रभारी अन्नू भाई सोमपुरा के अनुसार प्रस्तावित मंदिर के जिन दो तिहाई पत्थरों की तराशी हो चुकी है, उनमें दोनों गर्भगृह के पत्थर भी शामिल हैं।