अयोध्या: मस्जिद के लिए जमीन लेने को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड में घमासान, दो सदस्यों ने किया बहिष्कार

suni borad
अयोध्या: मस्जिद के लिए जमीन लेने को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड में घमासान, दो सदस्यों ने किया बहिष्कार

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्मभूमि विवाद में पक्षकार रहे मुस्लिम पक्ष को अयोध्या के रौनाही में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन एलॉट की है। इस जमीन को लेने के लिए लखनऊ में सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक चल रही है। बैठक से पहले ही वक्फ बोर्ड दो हिस्सों में बंट गया है। एक तरफ सैयद अहमद अली, चैयरमैन जुफर फारूकी, फारूक अहमद शाह समेत करीब सभी सदस्य बैठक के लिए पहुंचे हैं, वहीं दूसरी ओर बोर्ड के दो सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है।

Ayodhya Two Members Boycott Sunni Waqf Board For Taking Land For Mosque :

आज की बैठक के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड जमीन लेने को लेकर अपने फैसले का ऐलान कर सकता है। बैठक में रौनाही में मस्जिद के साथ ही इस्लामिक यूनिवर्सिटी और चैरिटेबल अस्पताल बनाने पर भी आज मुहर लग सकती है। संभव है कि आज ही मस्जिद के निर्माण और रख रखाव के लिए ट्रस्ट भी बनाया जाए। बोर्ड के दो सदस्य अब्दुल रज्जाक और इमरान माबूद ने मीटिंग का बहिष्कार करते हुए सरकारी जमीन लेने का विरोध किया है। उनका कहना है कि शरीयत मस्जिद के बदले कुछ भी लेने की इजाजत नही देती।

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्मभूमि विवाद में पक्षकार रहे मुस्लिम पक्ष को अयोध्या के रौनाही में मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन एलॉट की है। इस जमीन को लेने के लिए लखनऊ में सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक चल रही है। बैठक से पहले ही वक्फ बोर्ड दो हिस्सों में बंट गया है। एक तरफ सैयद अहमद अली, चैयरमैन जुफर फारूकी, फारूक अहमद शाह समेत करीब सभी सदस्य बैठक के लिए पहुंचे हैं, वहीं दूसरी ओर बोर्ड के दो सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया है। आज की बैठक के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड जमीन लेने को लेकर अपने फैसले का ऐलान कर सकता है। बैठक में रौनाही में मस्जिद के साथ ही इस्लामिक यूनिवर्सिटी और चैरिटेबल अस्पताल बनाने पर भी आज मुहर लग सकती है। संभव है कि आज ही मस्जिद के निर्माण और रख रखाव के लिए ट्रस्ट भी बनाया जाए। बोर्ड के दो सदस्य अब्दुल रज्जाक और इमरान माबूद ने मीटिंग का बहिष्कार करते हुए सरकारी जमीन लेने का विरोध किया है। उनका कहना है कि शरीयत मस्जिद के बदले कुछ भी लेने की इजाजत नही देती।