अयोध्या फैसला: ‘साइबर पेट्रोलिंग’ से पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अफवाह फैलाने वाले 99 आरोपी गिरफ्तार

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अयोध्या फैसला: 'साइबर पेट्रोलिंग' से पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अफवाह फैलाने वाले 99 आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। विवादित अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब यूपी पुलिस ने मंगलवार को राहत की सांस ली। इस फैसले के आने के बाद किसी भी तरह का बवाल न हो इसके चलते पुलिस ने अपना सबसे बड़ा हथियार ‘साइबर पेट्रोलिंग’ को बनाया जिसमें उनको सफलता भी मिली। पुलिस ने शुक्रवार रात से अब तक सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 99 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह आरोपितों की गिरफ्तारी मंगलवार को की गई। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी व फील्ड में पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी अब भी बरकरार है।

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दरअसल, कानून-व्यवस्था की इस चुनौती पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर थी। फैसला आने से पहले शनिवार सुबह योगी आदित्यनाथ यूपी 112 मुख्यालय भी गए थे। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि 270 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंटों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने शुक्रवार रात से अब तक सोशल मीडिया की 13016 पोस्टों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें बीते 24 घंटों में प्रदेश में 2186 पोस्टों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। डीजीपी मानते हैं कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने में फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग में जुटी पुलिस टीमों का बड़ा योगदान रहा है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले यूपी पुलिस शुक्रवार रात ही हाई अलर्ट मोड पर आ गई थी। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल के नेतृत्व में जिलों में गठित सोशल मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय हैं। पहली बार यूपी 112 मुख्यालय में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) स्थापित कर सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य माध्यमों से आ रही सूचनाओं पर एक साथ नजर रखे जाने के साथ ही उनकी मॉनीटरिंग की जा रही है।

बता दें, सभी जिलों को भी जोन व सेक्टरों में बांटकर बेहद सूक्ष्म स्तर पर हर सूचना व कार्रवाई की मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश में पुलिस के साथ 40 कंपनी अर्द्धसैनिक बल, 228 कंपनी पीएसी व होमगार्डों को मुस्तैद किया गया है। अयोध्या में 21 कंपनी अर्द्धसैनिक बल, 40 कंपनी पीएसी, एटीएस कमांडो और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सिटीजन एप के जरिये पुलिस गांवों व कस्बों तक लोगों के सीधे संपर्क में है।

इतना ही नहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक पोस्ट अथवा वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ डीजीपी मुख्यालय स्तर से जारी वाट्सएप नंबर 8874327341 पर शिकायतें लगातार आ रही हैं। इस नंबर पर संबंधित टेक्स्ट मैसेज, वॉइस क्लिप, वीडियो, स्क्रीनशॉट के जरिये पुलिस को सीधे सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

साथ ही डीजीपी ने जानकारी दी कि अक्टूबर के महीने में पुलिस ने 326 अवैध शस्त्र पकड़े हैं और दो अवैध असलहा फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है। असलहों का दुरुपयोग रोकने के लिए पुलिस ने 17260 लाइसेंसी शस्त्रों की चेकिंग कराई गई है, जबकि 57 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराए गए हैं।

लखनऊ। विवादित अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब यूपी पुलिस ने मंगलवार को राहत की सांस ली। इस फैसले के आने के बाद किसी भी तरह का बवाल न हो इसके चलते पुलिस ने अपना सबसे बड़ा हथियार 'साइबर पेट्रोलिंग' को बनाया जिसमें उनको सफलता भी मिली। पुलिस ने शुक्रवार रात से अब तक सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले 99 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह आरोपितों की गिरफ्तारी मंगलवार को की गई। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी व फील्ड में पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी अब भी बरकरार है। दरअसल, कानून-व्यवस्था की इस चुनौती पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर थी। फैसला आने से पहले शनिवार सुबह योगी आदित्यनाथ यूपी 112 मुख्यालय भी गए थे। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि 270 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंटों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने शुक्रवार रात से अब तक सोशल मीडिया की 13016 पोस्टों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें बीते 24 घंटों में प्रदेश में 2186 पोस्टों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। डीजीपी मानते हैं कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने में फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग में जुटी पुलिस टीमों का बड़ा योगदान रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले यूपी पुलिस शुक्रवार रात ही हाई अलर्ट मोड पर आ गई थी। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल के नेतृत्व में जिलों में गठित सोशल मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय हैं। पहली बार यूपी 112 मुख्यालय में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) स्थापित कर सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य माध्यमों से आ रही सूचनाओं पर एक साथ नजर रखे जाने के साथ ही उनकी मॉनीटरिंग की जा रही है। बता दें, सभी जिलों को भी जोन व सेक्टरों में बांटकर बेहद सूक्ष्म स्तर पर हर सूचना व कार्रवाई की मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश में पुलिस के साथ 40 कंपनी अर्द्धसैनिक बल, 228 कंपनी पीएसी व होमगार्डों को मुस्तैद किया गया है। अयोध्या में 21 कंपनी अर्द्धसैनिक बल, 40 कंपनी पीएसी, एटीएस कमांडो और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सिटीजन एप के जरिये पुलिस गांवों व कस्बों तक लोगों के सीधे संपर्क में है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक पोस्ट अथवा वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ डीजीपी मुख्यालय स्तर से जारी वाट्सएप नंबर 8874327341 पर शिकायतें लगातार आ रही हैं। इस नंबर पर संबंधित टेक्स्ट मैसेज, वॉइस क्लिप, वीडियो, स्क्रीनशॉट के जरिये पुलिस को सीधे सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही डीजीपी ने जानकारी दी कि अक्टूबर के महीने में पुलिस ने 326 अवैध शस्त्र पकड़े हैं और दो अवैध असलहा फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है। असलहों का दुरुपयोग रोकने के लिए पुलिस ने 17260 लाइसेंसी शस्त्रों की चेकिंग कराई गई है, जबकि 57 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराए गए हैं।