अयोघ्या फैसला: रामदेव बोले राम मंदिर बनाने में करेंगे सहयोग, श्री श्री रविशंकर ने किया स्वागत

Ayoghya verdict
अयोघ्या फैसला: रामदेव बोले राम मंदिर बनाने में करेंगे सहयोग, श्री श्री रविशंकर ने किया स्वागत

नई दिल्ली। कई दशकों से चल रहे अयोध्या भूमि विवाद के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया है उस फैसले का स्वागत करते हुए योगगुरू बाबा रामदेव ने कहा ‘अब जाकर खत्म हुआ है राम का वनवास।’ उन्होने मंदिर निर्माण में पतंजलि की ओर से सहयोग करने की बात भी कही है। वहीं उच्चतम न्यायलय द्वारा इस विवाद के मैत्रीपूर्ण हल के लिए पहले नियुक्त की गई मध्यस्थता समिति में सदस्य बनाये गये आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने भी फैसले का स्वागत किया है।

Ayoghya Verdict Ramdev Said That He Will Cooperate In Building Ram Temple Sri Sri Ravi Shankar Welcomed :

बाबा राम देव ने कहा कि मेरा तो नाम ही रामदेव है, मेरे साथ साथ मेरी मां भी राम की उपासक हैं और मै क्रष्ण का वंशज हूं इसलिए मैं पूर्वजो के प्रति उत्तरदायित्व निभाउंगा। फैसले का स्वागत करते हुए बाबा रामदेव बोले कि इस देश में किसी प्रकार हिंशा, नफरत और घ्रणा न हो इसके लिए जरूर आगे आउंगा। यही नही बाबा रामदेव ने कहा सनातन वैदिक धर्म की परम्परा के चलते पतंजलि की ओर से मंदिर निर्माण में योगदान भी करूंगा।

उन्होने कहा कि देश संविधान से चलता है और देश की सर्वोच्च अदालत का सम्मान करना देश का सम्मान है। जब फैसला राम मंदिर पर आ रहा है तो राम तो मर्यादा है, प्रेम हैं सद्भावना, शांति और प्रेम के देवता हैं, इसलिए राम, ईश्वर, अल्लाह या मजहब के नाम पर कोई अफवाह फैलाता है या हिंसा करता है तो इसको स्वीकार नहीं करना चाहिए। अयोध्या फैसले को लेकर पूरी ​दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं इसलिए हमे पूरी दुनिया को एकता का संदेश देना है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि हमें भगवान राम की मर्यादाओं का पालन करना है।

वहीं आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों के सदस्यों को ”खुशी तथा राहत” मिली है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ”मैं तहे दिल से माननीय उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करता हूं, इससे दोनों समुदाय के लोगों को खुशी और लंबे समय से चल रहे विवाद से राहत मिली है.”। उन्होने इसका आपसी भाईचारे से हल निकालने के लिए बहुत प्रयास किये हैं।

नई दिल्ली। कई दशकों से चल रहे अयोध्या भूमि विवाद के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया है उस फैसले का स्वागत करते हुए योगगुरू बाबा रामदेव ने कहा 'अब जाकर खत्म हुआ है राम का वनवास।' उन्होने मंदिर निर्माण में पतंजलि की ओर से सहयोग करने की बात भी कही है। वहीं उच्चतम न्यायलय द्वारा इस विवाद के मैत्रीपूर्ण हल के लिए पहले नियुक्त की गई मध्यस्थता समिति में सदस्य बनाये गये आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने भी फैसले का स्वागत किया है। बाबा राम देव ने कहा कि मेरा तो नाम ही रामदेव है, मेरे साथ साथ मेरी मां भी राम की उपासक हैं और मै क्रष्ण का वंशज हूं इसलिए मैं पूर्वजो के प्रति उत्तरदायित्व निभाउंगा। फैसले का स्वागत करते हुए बाबा रामदेव बोले कि इस देश में किसी प्रकार हिंशा, नफरत और घ्रणा न हो इसके लिए जरूर आगे आउंगा। यही नही बाबा रामदेव ने कहा सनातन वैदिक धर्म की परम्परा के चलते पतंजलि की ओर से मंदिर निर्माण में योगदान भी करूंगा। उन्होने कहा कि देश संविधान से चलता है और देश की सर्वोच्च अदालत का सम्मान करना देश का सम्मान है। जब फैसला राम मंदिर पर आ रहा है तो राम तो मर्यादा है, प्रेम हैं सद्भावना, शांति और प्रेम के देवता हैं, इसलिए राम, ईश्वर, अल्लाह या मजहब के नाम पर कोई अफवाह फैलाता है या हिंसा करता है तो इसको स्वीकार नहीं करना चाहिए। अयोध्या फैसले को लेकर पूरी ​दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं इसलिए हमे पूरी दुनिया को एकता का संदेश देना है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि हमें भगवान राम की मर्यादाओं का पालन करना है। वहीं आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों के सदस्यों को ''खुशी तथा राहत'' मिली है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ''मैं तहे दिल से माननीय उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करता हूं, इससे दोनों समुदाय के लोगों को खुशी और लंबे समय से चल रहे विवाद से राहत मिली है.''। उन्होने इसका आपसी भाईचारे से हल निकालने के लिए बहुत प्रयास किये हैं।