आजम के घोटालों पर जांच का शिकंजा कसा, एसआईटी सक्रिय

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आजम के घोटालों पर जांच का शिकंजा कसा, एसआईटी सक्रिय

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां पर वक्फ़ की जमीनों पर कब्जा, यूनिवर्सिटी में बिजली चोरी, सीवर सिस्टम के नाम पर 300 करोड़ का घोटाला, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 करोड़ का घोटाला, आय से अधिक संपत्ति सहित 14 बिंदुओं पर कांग्रेस नेता फैसल खान लाला ने राजभवन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सरकार ने संज्ञान लेकर शिकंजा कस दिया है।

Azam Ke Ghotalo Par Janch Ka Shikanja :

फैसल खान लाला ने जारी बयान में कहा कि आजम के घोटालों की जांच में गवर्नर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर से सभी विभागों को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच बिठाई थी जिस पर पिछली सरकार में तैनात कुछ अधिकारियों से आजम ने सांठगांठ कर ली थी तथा उन विभागों ने लीपा पोती कर के मामला शासन स्तर पर भेज दिया था। जिसको शासन ने अस्वीकृत करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए हैं और एसआईटी गहनता से जांच कर रही है।

फैसल का कहना है कि साल 2019 से पहले आजम का जेल जाना तय माना जा रहा है जिसकी बौखलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है। जिसके चलते वह मज़लूमो को गुमराह कर उनके बच्चों के जनाज़े पर राजनीति कर रहै हैं। उन्होने कहा, आजम का इतिहास रहा है कि उन्होंने मेरठ मलियाना, मुजफ्फरनगर और बाबरी मस्जिद के मामले को तूल देकर अनगिनत लाशों पर अपनी सियासत को चमकाई है और सुर्खियों में आने को एक मासूम बच्ची के जनाज़े का सहारा ले रहे हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां पर वक्फ़ की जमीनों पर कब्जा, यूनिवर्सिटी में बिजली चोरी, सीवर सिस्टम के नाम पर 300 करोड़ का घोटाला, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 करोड़ का घोटाला, आय से अधिक संपत्ति सहित 14 बिंदुओं पर कांग्रेस नेता फैसल खान लाला ने राजभवन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सरकार ने संज्ञान लेकर शिकंजा कस दिया है।फैसल खान लाला ने जारी बयान में कहा कि आजम के घोटालों की जांच में गवर्नर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर से सभी विभागों को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच बिठाई थी जिस पर पिछली सरकार में तैनात कुछ अधिकारियों से आजम ने सांठगांठ कर ली थी तथा उन विभागों ने लीपा पोती कर के मामला शासन स्तर पर भेज दिया था। जिसको शासन ने अस्वीकृत करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए हैं और एसआईटी गहनता से जांच कर रही है। फैसल का कहना है कि साल 2019 से पहले आजम का जेल जाना तय माना जा रहा है जिसकी बौखलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है। जिसके चलते वह मज़लूमो को गुमराह कर उनके बच्चों के जनाज़े पर राजनीति कर रहै हैं। उन्होने कहा, आजम का इतिहास रहा है कि उन्होंने मेरठ मलियाना, मुजफ्फरनगर और बाबरी मस्जिद के मामले को तूल देकर अनगिनत लाशों पर अपनी सियासत को चमकाई है और सुर्खियों में आने को एक मासूम बच्ची के जनाज़े का सहारा ले रहे हैं।