आजम की राज्यपाल को नसीहत, राजनीति करनी है तो रामपुर सीट से लड़ें चुनाव

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने यूपी के राज्यपाल राम नाईक से कहा कि ​वे राजभवन में अपराधियों का स्वागत करते हैं। कोई भी उनके खिलाफ शिकायत लेकर राज्यपाल से मिलने का समय मांगता है, उसका राजभवन से समय दे दिया जाता है। ऐसा लगता है कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद पर न होकर कोई नेता हैं जो उनकी खिलाफत करने वाले अपराधियों तक के साथ खड़ा है।




दरअसल आजम खां अपने गृह जनपद में सरकारी आयोजन के मंच से एक स्थानीय कांग्रेसी नेता फैजल लाला के खिलाफ हमलावर हो रहे थे। आजम का कहना था कि फैजल लाला एक अपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है और उनके ​द्वारा छेड़े गए शिक्षा के मिशन के खिलाफ है। ऐसे व्यक्ति का बार बार राजभवन जैसे पवित्र स्थान पर जाना कहीं न कहीं लोगों में गलत संदेश देता है।




आजम ने इशारों ही इशारों में राज्यपाल की उम्र और उनके पद की गरिमा का हवाला देते हुए कहा कि वह लोकतंत्र को जलील न करें। अगर उन्हें राजनीति ही करनी है, तो वह स्वयं रामपुर सीट से इस्तीफा देते हैं और राज्यपाल की सियासी चुनौती स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे गरिमा वाले पद पर बैठकर राजनीति करना ठीक नहीं है।




गौरतलब है कि राज्यपाल और आजम खां के बीच लंबे अर्से से छत्तीस का आंकड़ा है। कई मौकों पर वह राज्यपाल पर सियासी हित साधने का आरोप लगा चुके हैं।