राहुल गांधी की राह में रोढ़ा बने आजम खां

लखनऊ। यूपी के 2017 विधानसभा चुनावों को लेकर देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा लेकर निकले कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों यूपी की खाक छानते घूम रहे हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनकी मेहनत 2017 में रंग लाएगी और बीते 27 सालों में सूबें में अपनी जमीन खो चुकी कांग्रेस एक सम्मान जनक स्थिति में नजर आएगी। राहुल गांधी की किसान यात्रा का रूट रामपुर होकर जा रहा है। जहां स्थित महात्मा गांधी की समाधी पर राहुल गांधी को दर्शन करने को नहीं मिलेगा, क्योंकि यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां उनके रास्ते का रोढ़ा बन गए है।




पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि भारत में महात्मा गांधी की एक समाधी दिल्ली के राजघाट में है तो दूसरी यूपी के रामपुर में। यह समाधी 11 फरवरी 1948 को बनाई गई थी। जिसमें चांदी के एक कलश में महात्मा गांधी की कुछ अस्थियां रखी गईं हैं। इस समाधि स्थल को आ​धुनिक बनाने के लिए यूपी के कैबिनेट मंत्री और रामपुर के विधायक आजम खां ने प्रयास किया और फरवरी 2016 में 12 करोड़ की लागत से इस एतिहासिक स्थल के कायाकल्प का कार्य शुरू करा दिया। इसी समाधी स्थल को रामपुर में राहुल गांधी के आगमन से ठीक पहले पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

रामपुर के कांग्रेसी नेता और राहुल गांधी के करीबी फैजल लाला की माने तो मंत्री आजम खां के इशारे पर समाधी स्थल को सील किया जा रहा है। राहुल गांधी को गांधी की समाधी पर जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या जैसा है। उनका प्रयास होगा कि इस मुद्दे को पार्टी हाईकमान के संज्ञान में लाया जाए। अगर तमाम प्रयासों के बाद भी गांधी समाधी तक जाने का रास्ता नहीं खुला तो कांग्रेस इस मुद्दे पर संघर्ष करेगी।




फैजल लाला की माने तो गांधी की समाधी पर निर्माण कार्य पहले से चल रहा है, अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। राहुल गांधी के संभावित दौरे से ठीक पहले पूरी जगह को सील कर दिया गया है। ऐसा प्र​तीत हो रहा है कि आजम खां नहीं चाहते कि राहुल गांधी महात्मा गांधी की समाधी तक पहुंच सके।

Loading...