सावन के पावन महीने में नहीं खुलेगा बाबा मुक्तेश्वर नाथ का कपाट

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Baba Mukteshwar Naths Doors Will Not Open In The Holy Month Of Sawan :

गोरखपुर। भगवान भोलेनाथ का पवित्र महीना सावन आज से शुरू हो गया है। सावन महीने में शिव भक्त शिवालयों में जाकर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भांग, धतूरा, बेल पत्र, फल फूल सहित अन्य भगवान भोलेनाथ के पसंदीदा भूख को चढ़ाते हैं और अपनी मनचाही इच्छाओं को पूरा करने का आशीर्वाद मांगते हैं, लेकिन इस बार भगवान भोलेनाथ किसी वाले पर महामारी कोरोना की वजह से सन्नाटा पसरा है। राजघाट थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने श्री श्री बाबा मुक्तेश्वर नाथ महादेव सिद्ध पीठ में सावन के महीने में शिव भक्तों का तांता लगा रहता था लेकिन आज यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है। मंदिर के मुख्य पुजारी रामनाथ उपाध्याय ने बताया कि कोविड-19 के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पहले से ही निर्देश दिया गया है कि मंदिर में किसी भी प्रकार की पूजा पाठ नहीं होंगे भक्तों की भीड़ भाड़ इकट्ठा होने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा इसलिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। भगवान भोलेनाथ की पूजा सुबह मंदिर के अन्य पुजारियों के साथ किया जाता है उसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसा पहली बार हुआ ऐसा हुआ है कि भगवान भोलेनाथ का कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिया गया।

बाइट, रमा नाथ उपाध्याय मुख्य पुजारी।

https://youtu.be/ZNdk_JENN9c गोरखपुर। भगवान भोलेनाथ का पवित्र महीना सावन आज से शुरू हो गया है। सावन महीने में शिव भक्त शिवालयों में जाकर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भांग, धतूरा, बेल पत्र, फल फूल सहित अन्य भगवान भोलेनाथ के पसंदीदा भूख को चढ़ाते हैं और अपनी मनचाही इच्छाओं को पूरा करने का आशीर्वाद मांगते हैं, लेकिन इस बार भगवान भोलेनाथ किसी वाले पर महामारी कोरोना की वजह से सन्नाटा पसरा है। राजघाट थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने श्री श्री बाबा मुक्तेश्वर नाथ महादेव सिद्ध पीठ में सावन के महीने में शिव भक्तों का तांता लगा रहता था लेकिन आज यहां पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है। मंदिर के मुख्य पुजारी रामनाथ उपाध्याय ने बताया कि कोविड-19 के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पहले से ही निर्देश दिया गया है कि मंदिर में किसी भी प्रकार की पूजा पाठ नहीं होंगे भक्तों की भीड़ भाड़ इकट्ठा होने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा इसलिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। भगवान भोलेनाथ की पूजा सुबह मंदिर के अन्य पुजारियों के साथ किया जाता है उसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसा पहली बार हुआ ऐसा हुआ है कि भगवान भोलेनाथ का कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिया गया। बाइट, रमा नाथ उपाध्याय मुख्य पुजारी।