बाबा रामदेव ने कहा- चीनी समान का बहिष्कार करो स्वदेशी अपनाओ

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स्वामी रामदेव का दावा: पतंजलि ने बना ली कोरोना की दवा, सौ फीसदी रिकवरी रेट

नई दिल्ली: लद्दाख की सीमा पर करीब एक महीने से चीन से जारी तनातनी पर चर्चा के लिए आजतक ने ई-एजेंडा कार्यक्रम की सीरीज में ‘सुरक्षा सभा’ का आयोजन किया है. ई-एजेंडा सुरक्षा सभा के सत्र- स्वदेशी का दम, हिन्दुस्तान से ‘चीनी कम’ में योग गुरु बाबा रामदेव शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने खुले तौर पर कहा कि सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक हर स्तर पर चीन का बहिष्कार भारत में किया जाना चाहिए.

Baba Ramdev Said Boycott Chinese Goods And Adopt Swadeshi :

रामदेव ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने में हमारी सेना पूरी तरह से सक्षम है. चीन को हथियार से ज्यादा मात देने के लिए उसके समानों का बहिष्कार किया जाना चाहिए, क्योंकि 15 से 20 लाख करोड़ का कारोबार चीन हमारे देश से करता है. देश में आज टॉयलेट की सीट से लेकर खिलौना सहित तमाम चीन के उत्पाद आ रहे हैं.

बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के उत्पादों के बहिष्कार के लिए बड़े संकल्प लेने होंगे. मैंने पिछले तीन दशक से चीन के किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं किया है. चीन को अगर सबक सिखाना है तो हर भारतीय को चीनी उत्पादों के बहिष्कार का संकल्प लेना होगा. चीन को सबक सिखाने का सबसे सही यही तरीका है. बाबा रामदेव ने कहा कि चीन जवाहर लाल नेहरू के समय से भारत-चीनी भाई-भाई का नारा देकर हमें लूट रहा है. ऐसे में चीन के उत्पादों का सिर्फ बहिष्कार ही नहीं बल्कि उसके प्रति नफरत का माहौल भी तैयार करना होगा.

चीन से होने वाले आयात-निर्यात के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि चीनी समानों के बहिष्कार के साथ-साथ स्वेदेशी वस्तुओं के लिए भी हमें नीति भी बनानी चाहिए. देश के पीएम नरेंद्र मोदी संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय संधि से बंधे हुए हैं. पीएम को राजनीतिक तौर पर जो करना चाहिए वो करते हैं. लेकिन चीन के विकल्प में भारत को खड़ा करने के लिए देश में इलेक्ट्रॉनिक, खिलौने, टॉयज के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहिए और टैक्स में छूट दी जानी चाहिए, यह सीधे तौर पर 5 लाख करोड़ का कारोबार है.

बाबा रामदेव ने कहा कि एक फकीर पतंजलि के रूप में जब एक बड़ी कंपनी खड़ा कर सकता है और देश में अलग-अलग उत्पाद बना सकता है. देश में और भी बहुत सारी कंपनियां है जिन्हें पहले अपने आपको स्वदेशी कहने में शर्म आती थी. यह सभी लोग आज गर्व से स्वदेशी कह रहे हैं. चीन के सामने खड़े होने के लिए पूरी कार्ययोजना बनानी पड़ेगी और उसके बराबर सामान बनाना पड़ेगा.

बाबा रामदेव ने सरकार को दिए तीन सुझाव

1. बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के मुकाबले खड़े होने के लिए सरकार को चाहिए कि वह स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाए या फिर देश में कहीं भी कोई कंपनी अगर चीन के विकल्प के रूप में सामान बनाना चाहती है तो सरकार उसे छूट दे.

2. बाबा रामदेव ने सरकार को दूसरा सुझाव दिया कि चीन से आने वाले सभी उत्पादों पर टैक्स में जबरदस्त बढ़ोतरी करनी चाहिए ताकि लोग वहां से सामान लाने के बारे में कई बार सोचें.

3. बाबा रामदेव ने कहा कि सभी सरकारी तंत्रों को मिलकर देश में ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिससे हिंदुस्तान में लोग ज्यादा से ज्यादा उत्पाद बना सके और लोग उसका इस्तेमाल कर सकें. इससे भारत की ताकत बढ़ेगी. जापान, साउथ कोरिया सहित कई देशों में इस तरह से माहौल बनाया गया है.

नई दिल्ली: लद्दाख की सीमा पर करीब एक महीने से चीन से जारी तनातनी पर चर्चा के लिए आजतक ने ई-एजेंडा कार्यक्रम की सीरीज में 'सुरक्षा सभा' का आयोजन किया है. ई-एजेंडा सुरक्षा सभा के सत्र- स्वदेशी का दम, हिन्दुस्तान से 'चीनी कम' में योग गुरु बाबा रामदेव शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने खुले तौर पर कहा कि सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक हर स्तर पर चीन का बहिष्कार भारत में किया जाना चाहिए. रामदेव ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने में हमारी सेना पूरी तरह से सक्षम है. चीन को हथियार से ज्यादा मात देने के लिए उसके समानों का बहिष्कार किया जाना चाहिए, क्योंकि 15 से 20 लाख करोड़ का कारोबार चीन हमारे देश से करता है. देश में आज टॉयलेट की सीट से लेकर खिलौना सहित तमाम चीन के उत्पाद आ रहे हैं. बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के उत्पादों के बहिष्कार के लिए बड़े संकल्प लेने होंगे. मैंने पिछले तीन दशक से चीन के किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं किया है. चीन को अगर सबक सिखाना है तो हर भारतीय को चीनी उत्पादों के बहिष्कार का संकल्प लेना होगा. चीन को सबक सिखाने का सबसे सही यही तरीका है. बाबा रामदेव ने कहा कि चीन जवाहर लाल नेहरू के समय से भारत-चीनी भाई-भाई का नारा देकर हमें लूट रहा है. ऐसे में चीन के उत्पादों का सिर्फ बहिष्कार ही नहीं बल्कि उसके प्रति नफरत का माहौल भी तैयार करना होगा. चीन से होने वाले आयात-निर्यात के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि चीनी समानों के बहिष्कार के साथ-साथ स्वेदेशी वस्तुओं के लिए भी हमें नीति भी बनानी चाहिए. देश के पीएम नरेंद्र मोदी संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय संधि से बंधे हुए हैं. पीएम को राजनीतिक तौर पर जो करना चाहिए वो करते हैं. लेकिन चीन के विकल्प में भारत को खड़ा करने के लिए देश में इलेक्ट्रॉनिक, खिलौने, टॉयज के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहिए और टैक्स में छूट दी जानी चाहिए, यह सीधे तौर पर 5 लाख करोड़ का कारोबार है. बाबा रामदेव ने कहा कि एक फकीर पतंजलि के रूप में जब एक बड़ी कंपनी खड़ा कर सकता है और देश में अलग-अलग उत्पाद बना सकता है. देश में और भी बहुत सारी कंपनियां है जिन्हें पहले अपने आपको स्वदेशी कहने में शर्म आती थी. यह सभी लोग आज गर्व से स्वदेशी कह रहे हैं. चीन के सामने खड़े होने के लिए पूरी कार्ययोजना बनानी पड़ेगी और उसके बराबर सामान बनाना पड़ेगा. बाबा रामदेव ने सरकार को दिए तीन सुझाव 1. बाबा रामदेव ने कहा कि चीन के मुकाबले खड़े होने के लिए सरकार को चाहिए कि वह स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाए या फिर देश में कहीं भी कोई कंपनी अगर चीन के विकल्प के रूप में सामान बनाना चाहती है तो सरकार उसे छूट दे. 2. बाबा रामदेव ने सरकार को दूसरा सुझाव दिया कि चीन से आने वाले सभी उत्पादों पर टैक्स में जबरदस्त बढ़ोतरी करनी चाहिए ताकि लोग वहां से सामान लाने के बारे में कई बार सोचें. 3. बाबा रामदेव ने कहा कि सभी सरकारी तंत्रों को मिलकर देश में ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिससे हिंदुस्तान में लोग ज्यादा से ज्यादा उत्पाद बना सके और लोग उसका इस्तेमाल कर सकें. इससे भारत की ताकत बढ़ेगी. जापान, साउथ कोरिया सहित कई देशों में इस तरह से माहौल बनाया गया है.