मनीषा मंदिर में बाल कल्याण समिति का छापा, मुक्त कराई गई 14 लड़कियां

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मनीषा मंदिर में बाल कल्याण समिति का छापा, मुक्त कराई गई 14 लड़कियां

लखनऊ। मुजफ्फरपुर कांड के बाद बालिकागृहों की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह से कमर कसे हुए है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के ज्यादातर बालिकागृहों की जांच—पड़ताल कर रही है। इसी के तहत गोमती नगर के मनीषा मंदिर बाल गृह बालिका में शनिवार को बाल कल्याण समिति और महिला कल्याण की एक इकाई के सदस्यों ने छापेमारी की। इस दौरान टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी। टीम ने यहां रह रही 14 बच्चियों को मुक्त कराकर उन्हें बालगृह शिशु और बालिका गृह में भेज दिया है।

Bal Kalyan Samiti Investgated In Manisha Mandir 14 Girls Rescued :

बता दें कि छापा मारने के बाद समिति के सामने चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि बच्चियों को सफाई न करने, भोजन पकाने से आनाकानी करने पर पीटा जाता था। नेपाल बॉर्डर से लायी गईं इन बच्चियों के परिवारीजनों से भरण-पोषण, शिक्षा-दीक्षा के नाम पर हजारों रुपए भी वसूले जाते थे। समित के सदस्यों का कहना है कि यहां पर जेजे एक्ट के किसी नियम का पालन नहीं होता था।

बताया जा रहा है कि विराम खंड में मनीषा मंदिर परिसर में बने मनीषा मंदिर बालगृह में शनिवार दोपहर तीन बजे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), महिला कल्याण की ओर से जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), विशेष किशोर पुलिस और गोमती नगर थाने की पुलिस पहुंची। इस संयुक्त टीम ने पाया कि बालगृह में एक बड़े से हाल में 14 बच्चियां मौजूद हैं।

डीसीपीयू की आसमां जुबैर व नीलिमा शुक्ला ने बताया कि 20 सितंबर को टीम ने मनीषा बालगृह में पहुंचकर सीडब्ल्यूसी के साथ जांच की थी। छापे में गोमती नगर थाने से महिला व पुरुष पुलिस, डीसीपीयू से आसमां, नीलिमा, संदीप, आशीष, सीडब्ल्यूसी से संगीता शर्मा, सुधारानी आदि मौजूद रहे।

लखनऊ। मुजफ्फरपुर कांड के बाद बालिकागृहों की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह से कमर कसे हुए है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के ज्यादातर बालिकागृहों की जांच—पड़ताल कर रही है। इसी के तहत गोमती नगर के मनीषा मंदिर बाल गृह बालिका में शनिवार को बाल कल्याण समिति और महिला कल्याण की एक इकाई के सदस्यों ने छापेमारी की। इस दौरान टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी। टीम ने यहां रह रही 14 बच्चियों को मुक्त कराकर उन्हें बालगृह शिशु और बालिका गृह में भेज दिया है।बता दें कि छापा मारने के बाद समिति के सामने चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि बच्चियों को सफाई न करने, भोजन पकाने से आनाकानी करने पर पीटा जाता था। नेपाल बॉर्डर से लायी गईं इन बच्चियों के परिवारीजनों से भरण-पोषण, शिक्षा-दीक्षा के नाम पर हजारों रुपए भी वसूले जाते थे। समित के सदस्यों का कहना है कि यहां पर जेजे एक्ट के किसी नियम का पालन नहीं होता था।बताया जा रहा है कि विराम खंड में मनीषा मंदिर परिसर में बने मनीषा मंदिर बालगृह में शनिवार दोपहर तीन बजे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), महिला कल्याण की ओर से जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), विशेष किशोर पुलिस और गोमती नगर थाने की पुलिस पहुंची। इस संयुक्त टीम ने पाया कि बालगृह में एक बड़े से हाल में 14 बच्चियां मौजूद हैं।डीसीपीयू की आसमां जुबैर व नीलिमा शुक्ला ने बताया कि 20 सितंबर को टीम ने मनीषा बालगृह में पहुंचकर सीडब्ल्यूसी के साथ जांच की थी। छापे में गोमती नगर थाने से महिला व पुरुष पुलिस, डीसीपीयू से आसमां, नीलिमा, संदीप, आशीष, सीडब्ल्यूसी से संगीता शर्मा, सुधारानी आदि मौजूद रहे।