कश्मीर में अपना ही हेलिकॉप्टर मार बैठे थे, IAF के 5 सैन्य अधिकारी दोषी करार

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कश्मीर में अपना ही हेलिकॉप्टर मार बैठे थे, IAF के 5 सैन्य अधिकारी दोषी करार

नई दिल्ली। इसी साल 27 फरवरी को श्रीनगर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना के लिए भारतीय वायु सेना के पांच अधिकरियों को दोषी पाया गया है। यह वाकया उस समय हुआ था, जब बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारत में घुसे थे। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में दोषी ठहराए गए इन पांच अधिकारियों को इस पूरे हादसे के दौरान लापरवाही और सही प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने सहित कई आरोपों का दोषी पाया गया है।

Balakot Airstrike Iaf Helicopter Crash Five Officers Guilty :

इस दौरान पश्चिमी वायु कमान प्रमुख एयर मार्शल हरि कुमार ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पांच अधिकारियों को जांच में दोषी पाया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट वायुसेना मुख्यालय को भेज दी गई है।

दोषी पाए अधिकारियों में एक ग्रुप कैप्टन, दो विंग कमांडर और दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हैं। 27 फरवरी को घटना होने के बाद तुरंत वायु सेना ने जांच शुरू की थी और मृत कर्मियों के परिवारों को आश्वासन दिया था कि सभी दोषियों को सजा दी जाएगी।

उसी दिन दिखायी भी अभिनंदन ने जबदरस्त बहादुरी

26 फरवरी को बालाकोट एयरस्ट्राइक का बदला लेने के लिए पाकिस्तानी फाइटर जेट ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की तो भारतीय वायुसेना ने उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान ने पाकिस्तानी जेट का पीछा किया और आसमान में काफी देर तक पाकिस्तानी जेट के साथ उनकी लड़ाई चलती रही। जिस जगह हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था उससे करीब 100 किमी दूर यह सब हो रहा था।

अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी एफ16 विमान को मार गिराया, जबकि इस दौरान उनका मिग 21वायसन विमान क्रैश हो गया और विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में चले गए। हालांकि, पाकिस्तान की गिरफ्त में आने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त बहादुरी दिखायी और आखिरकार पाकिस्तान को भी उन्हें भारत वापस भेजना पड़ा।

नई दिल्ली। इसी साल 27 फरवरी को श्रीनगर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना के लिए भारतीय वायु सेना के पांच अधिकरियों को दोषी पाया गया है। यह वाकया उस समय हुआ था, जब बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारत में घुसे थे। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में दोषी ठहराए गए इन पांच अधिकारियों को इस पूरे हादसे के दौरान लापरवाही और सही प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने सहित कई आरोपों का दोषी पाया गया है। इस दौरान पश्चिमी वायु कमान प्रमुख एयर मार्शल हरि कुमार ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पांच अधिकारियों को जांच में दोषी पाया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट वायुसेना मुख्यालय को भेज दी गई है। दोषी पाए अधिकारियों में एक ग्रुप कैप्टन, दो विंग कमांडर और दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हैं। 27 फरवरी को घटना होने के बाद तुरंत वायु सेना ने जांच शुरू की थी और मृत कर्मियों के परिवारों को आश्वासन दिया था कि सभी दोषियों को सजा दी जाएगी। उसी दिन दिखायी भी अभिनंदन ने जबदरस्त बहादुरी 26 फरवरी को बालाकोट एयरस्ट्राइक का बदला लेने के लिए पाकिस्तानी फाइटर जेट ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की तो भारतीय वायुसेना ने उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान ने पाकिस्तानी जेट का पीछा किया और आसमान में काफी देर तक पाकिस्तानी जेट के साथ उनकी लड़ाई चलती रही। जिस जगह हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था उससे करीब 100 किमी दूर यह सब हो रहा था। अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी एफ16 विमान को मार गिराया, जबकि इस दौरान उनका मिग 21वायसन विमान क्रैश हो गया और विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में चले गए। हालांकि, पाकिस्तान की गिरफ्त में आने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त बहादुरी दिखायी और आखिरकार पाकिस्तान को भी उन्हें भारत वापस भेजना पड़ा।