क्या चंड़ीगढ़ की वर्णिका कुंडू की तरह बचाई जा सकती थी ‘बलिया की रागिनी’

Ballias Ragini Could Be Saved Like Varnika Kundu

लखनऊ। मीडिया ने रातों रात अपनी रिपोर्ट से छेड़छाड़ के मामले का शिकार बनी चंड़ीगढ़ की वर्णिका कुंडू को देश की बेटी बना दिया। वर्णिका देश की वो किस्मती बेटी थी जिसे पुलिस की मदद समय रहते मिल गई। लेकिन यूपी के बलिया में देश की एक बेटी को ऐसी ही घटना में मौत के घाट उतार दिया गया। मृतका का नाम रागिनी दूबे (17) था और वह घर से दिन के उजाले में अपनी छोटी बहन का हाथ थामकर निकली थी।

मिली जानकारी के मुताबिक बलिया की बांसडीह रोड के बजहां गांव की रागिनी दूबे को प्रधान कृपा शंकर तिवारी का बेटा प्रिंस तिवारी कई महीनों से परेशान कर रहा था। जिस वजह से रागिनी के मां—बाप ने तीन महीनों से रागिनी का स्कूल जाना बंद करवा रखा था। रागिनी के पिता ने विजेन्द्र दूबे प्रिंस की हरकतों को लेकर उसके पिता से कई बार शिकायत की। प्रिंस के पिता के आश्वासन के बाद रागिनी ने जुलाई से स्कूल जाना शुरू कर दिया। इन दिनों प्रिंस ने भी रागिनी को कभी परेशान नहीं किया। मंगलवार को रागिनी अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल के लिए निकली ही थी कि प्रिंस ने अपने दो दोस्तों के साथ उसका पीछा करना शुरू कर दिया।

आरोपी प्रिंस
आरोपी प्रिंस

प्रिंस ने रागिनी को कई बार रुककर उसकी बात सुनने के लिए कहा, लेकिन रागिनी का लगातार उसकी बात को अनसुना करके आगे चलते जाना उसे नागवार गुजर गया। उसने गुस्से में रागिनी के आगे आकर उसका रास्ता रोक लिया और चाकू निकाल कर उस पर ताबड़ तोड़ वार करना शुरू कर दिया। प्रिंस के चाकू ने रागिनी के शरीर को करीब 15 से ज्यादा चोटें पहुंचाईं। चाकूओं के वार से घायल रागिनी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पूरी तसल्ली होने के बाद प्रिंस खून से सना चाकू लेकर रागिनी के घर पहुंचा और अपने अपराध की कहानी को पूरी दबंगई से बयान करके अंजाम भुगतने की धमकी देकर मौके से भाग निकला।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रिंस-राजू
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रिंस-राजू

मृतका रागिनी की बहन सिया की मानें तो जब प्रिंस और उसके साथी रागिनी के साथ छेड़खानी कर रहा था, तो आस पास मौजूद लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे। छेड़खानी का विरोध करते ही प्रिंस ने जेब से चाकू निकालकर रागिनी के गले पर वार कर दिया, फिर ताबड़तोड़ कई बार उसने चाकू से रागिनी के शरीर को गोद डाला।

इस वारदात के बाद बलिया पुलिस ने हत्यारोपी प्रिंस और उसके एक साथी राजू को हिरासत में ले लिया है। वहीं उसका एक अन्य साथी फरार है। इस घटना के बाद एसपी सुजाता सिंह के घटना स्थल का दौरा करने से लोगों में नाराजगी है। एक महिला होकर एसपी का एक युवती की सरेराह दिन के उजाले में हुई हत्या को लेकर संवेदनहीन होना सवालों के घेरे में आ गया है।

पुलिस से लेती मदद तो बच सकती रागिनी की जिन्दगी —

बजहां गांव में जो हुआ उसके बाद सबके जुबान पर एक ही बात है कि अगर समय रहते विजेन्द्र दुबे ने अपनी बेटी के साथ हो रही छेड़खानियों की शिकायत पुलिस में की होती तो शायद आज रागिनी जिन्दा होती। कई बार परिजन अपनी इज्जत और गांव समाज का लिहाज करके ऐसी सामाजिक शोषण की शिकायतें पुलिस में नहीं करते हैं। जिस वजह से प्रिंस मनचले युवक फिल्मी गुंडों की तरह खुद की दबंगई पर गुमान करके किसी भी हद से गुजर जाते हैं।

लखनऊ। मीडिया ने रातों रात अपनी रिपोर्ट से छेड़छाड़ के मामले का शिकार बनी चंड़ीगढ़ की वर्णिका कुंडू को देश की बेटी बना दिया। वर्णिका देश की वो किस्मती बेटी थी जिसे पुलिस की मदद समय रहते मिल गई। लेकिन यूपी के बलिया में देश की एक बेटी को ऐसी ही घटना में मौत के घाट उतार दिया गया। मृतका का नाम रागिनी दूबे (17) था और वह घर से दिन के उजाले में अपनी छोटी बहन का हाथ थामकर…