बैंक लाइन में लगी महिला की दुधमुंही बच्ची की मौत, कौन जिम्मेदार?

बलरामपुर: देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी से आयेदिन लोगों की मौत की खबर आ रही है। कहीं पैसों के अभाव में किसी की जान जा रही है तो कहीं बैंक की लाइन में लगे लोग दम तोड़ रहे हैं। बलरामपुर जनपद में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिला है। जनपद के ललिया थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर शिवपुरा में स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा पर पैसा निकालने के लिए लाइन में लगी महिला की दुधमुंही बच्ची की मौत हो गयी।




ग्राम अमवा की निवासिनी शालिया पत्नी इंसान अली पैसे निकालने के लिए अपनी दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर सुबह से लाइन में खड़ी थी। दोपहर बाद भुगतान के नाम पर उसे दो हजार का नोट बैंक द्वारा पकड़ाया गया। पैसे की अति आवश्यकता से परेशान शालिया अपनी तीन माह की बच्ची को लेकर घंटो से लाइन में लगी रही। इस दौरान उसका ध्यान सिर्फ पैसे की प्राप्ति में लगा रहा। उसे क्या मालूम था कि जिसके इलाज के लिये वह इतना जोखिम उठा रही है उसे गवांना पड़ेगा।




बैंक से रुपये मिलने के बाद शालिया को शाल में लिपटी अपनी बच्ची उम्मेसुलेमा का ख्याल आया लेकिन तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी। यह जानकर शालिया बैंक के सामने ही दहाड़ें मारकर रोने लगी। लाइन में लगे दूसरे लोगों को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने महिला के समर्थन नारेबाजी शुरू कर दी। लाइन में लगे लोगों की उग्रता को देख शाखा प्रबंधक अपने अन्य कर्मचारियों के साथ बैंक बन्दकर मौके से फरार हो लिये। घटना की लिखित सूचना थाना ललिया पर दी गयी है। उपनिरीक्षक बिन्देश्वरी यादव मामले की छानबीन कर रहे हैं।