BHU विवाद: मनचलों ने छात्रा के कुर्ते में हाथ डाला, जींस में हाथ डालने की कोशिश

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Banaras Hindu University Violence Continuously Going On Against Molestation In Campus

लखनऊ। बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय(बीएचयू) में छेड़खानी को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस का छात्राओं पर लाठीचार्ज अब सवालों के घेरे में है। सुरक्षा को लेकर छात्राओं के प्रोटेस्ट पर हुए बवाल ने प्रशासन पर सीधा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। हम आपको बताने जा रहे हैं उस पीड़ित छात्रा की जुबानी, जिसके साथ मनचलों ने छेड़खानी को अंजाम दिया।

21 सितम्बर शाम सात बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने बीएफए थर्ड ईयर की छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। ये घटना तब घटित हुई, जब छात्रा त्रिवेणी कॉम्प्लेक्स स्थित अपने हॉस्टल लौट रही थी। लड़की ने हॉस्टल पहुंचने पर रूममेट को इसकी जानकारी दी और फिर सबने विरोध दर्ज कराने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने प्रॉक्टोरियल बोर्ड से इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत करने के बाद कार्रवाई के बजाय प्रशासन ने लड़की पर ही सवाल उठा दिए। उसने पूछा कि वह दिन ढलने के बाद भी बाहर क्यों थी।

इस बयान के बाद छात्राएं आवेश में आ गईं और उन्होंने सुबह छह बजे से ही बीएचयू के मुख्य गेट ‘सिंह द्वार’ पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें उनका साथ आईआईटी-बीएचयू और महिला महाविद्यालय के होस्टल की लड़कियों ने दिया। उसी दिन बीएचयू गेट के सामने से ही प्रधानमंत्री का काफिला गुजरने वाला था। सैंकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं को देख अधिकारियों के होश उड़ गए। पुलिस प्रशासन के समझाने के बाद भी छात्रायें नहीं मानीं।

आक्रोशित छात्राएं बीएचयू के वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी को बुलाने पर अड़ी हुई थीं लेकिन शुक्रवार को वीसी ने उनसे मुलाकात नहीं की। शनिवार की देर रात बीएचयू के वाइस चांसलर के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके के बाद मुख्य प्रदर्शन स्थल पर भी लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कई 20-25 छात्राएं और दर्जनों छात्रों को चोटें आईं।

ये है पीड़ित छात्रा का बयान —

मनचलों ने पीड़िता के कुर्ते में हाथ डाला, जींस में हाथ डालने की कोशिश की। आरोप है कई और लड़कियां ऐसी ही छेड़खानी का शिकार हुई हैं।

बीएचयू में सुरक्षा के हिसाब से करीब दो दर्जन थानों की पुलिस, वज्र वाहन, 5 कंपनी पीएसी और आसपास के जिलों के अधिकारी मौके पर जमे हुए हैं। हालात बिगड़ते देख 2 अक्टूबर तक कैंपस में छुट्टी कर दी गई है।

लखनऊ। बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय(बीएचयू) में छेड़खानी को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस का छात्राओं पर लाठीचार्ज अब सवालों के घेरे में है। सुरक्षा को लेकर छात्राओं के प्रोटेस्ट पर हुए बवाल ने प्रशासन पर सीधा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। हम आपको बताने जा रहे हैं उस पीड़ित छात्रा की जुबानी, जिसके साथ मनचलों ने छेड़खानी को अंजाम दिया। 21 सितम्बर शाम सात बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने बीएफए थर्ड ईयर की छात्रा के साथ…