महिला दिवस पर मिला तोहफा, बेंगलुरू के इस रेलवे स्टेशन को अब चलाएंगी सिर्फ महिलाएं

महिला दिवस पर मिला तोहफा, बेंगलुरू, रेलवे स्टेशन
महिला दिवस पर मिला तोहफा, बेंगलुरू के इस रेलवे स्टेशन को अब चलाएंगी सिर्फ महिलाएं

बेंगलुरू। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को महिलाओं को तोहफे में बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के पूरी तरह महिलाओं द्वारा चलाने की घोषणा कर दिया है। गोयल ने इस बारे में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘यह देश का पांचवां रेलवे स्टेशन है, जो महिलाओं द्वारा चलाया जाएगा और इस स्टेशन की सभी गतिविधियां महिलाओं द्वारा चलाई जा रही हैं।’

Banaswadi Is The First All Women Run Railway Station In Bengaluru :

बता दें कि बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन क्लर्क समेत सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। इसके अलावा कई अन्य रेलवे स्टेशन हैं जो महिलाओं द्वारा पूरी तरह चलाए जा रहे हैं।

महिलाओं द्वारा चलाये जा रहे रेलवे स्टेशन

मुंबई का माटुंगा
जयपुर का गांधीनगर
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का चंद्रागिरी
महाराष्ट्र के नागपुर का अजनी

आज के समय में महिलाए हर फील्ड में महिलाएं नजर आ रही हैं। भारतीय रेल के कुल 13 लाख कर्मचारियों में से 1 लाख महिलाएं हैं। गोयल ने सम्मेलन के दौरान बताया, ‘भारतीय रेल लोगों की भर्ती में भेदभाव नहीं करता है, लेकिन रेलवे के कुछ क्षेत्र हैं, जहां दुर्भाग्य से भारतीय महिलाएं आवेदन नहीं करती है। हम जल्द ही महिलाओं की भर्ती करेंगे, खासतौर से रेलवे के रक्षा दल में।’ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दक्षिण पश्चिम रेलवे ने बेंगलुरू से चेन्नई तक संघमित्र एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जिसके चालक दल में सभी महिलाएं थीं।

बेंगलुरू। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को महिलाओं को तोहफे में बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के पूरी तरह महिलाओं द्वारा चलाने की घोषणा कर दिया है। गोयल ने इस बारे में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'यह देश का पांचवां रेलवे स्टेशन है, जो महिलाओं द्वारा चलाया जाएगा और इस स्टेशन की सभी गतिविधियां महिलाओं द्वारा चलाई जा रही हैं।'बता दें कि बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन क्लर्क समेत सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। इसके अलावा कई अन्य रेलवे स्टेशन हैं जो महिलाओं द्वारा पूरी तरह चलाए जा रहे हैं।महिलाओं द्वारा चलाये जा रहे रेलवे स्टेशनमुंबई का माटुंगा जयपुर का गांधीनगर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का चंद्रागिरी महाराष्ट्र के नागपुर का अजनीआज के समय में महिलाए हर फील्ड में महिलाएं नजर आ रही हैं। भारतीय रेल के कुल 13 लाख कर्मचारियों में से 1 लाख महिलाएं हैं। गोयल ने सम्मेलन के दौरान बताया, 'भारतीय रेल लोगों की भर्ती में भेदभाव नहीं करता है, लेकिन रेलवे के कुछ क्षेत्र हैं, जहां दुर्भाग्य से भारतीय महिलाएं आवेदन नहीं करती है। हम जल्द ही महिलाओं की भर्ती करेंगे, खासतौर से रेलवे के रक्षा दल में।' अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दक्षिण पश्चिम रेलवे ने बेंगलुरू से चेन्नई तक संघमित्र एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जिसके चालक दल में सभी महिलाएं थीं।