बर्खास्तगी के बाद भी नौकरी कर रही सफाई कर्मी!

बांदा: वैसे तो भ्रष्टाचार और बेइमानी की तस्वीरें तो हर किसी ने बहुत देखा होगा, लेकिन यहां तो हद हो गई। सपा नेता की शिकायत पर दोहरा सरकारी लाभ लेने के आरोप में जिस सफाई कर्मी को जिला पंचायतराज अधिकारी ने बर्खास्त किया था, वह चार साल से अब भी नौकरी कर सरकारी वेतन आहरण कर रही है।




प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के नेता बृजभूषण सिंह यादव (निवासी-अतर्रा) ने एक नवंबर 2012 को रक्सी गांव में तैनात सफाई कर्मी फुलिया पर वृद्धा पेंशन लेने के तथ्य छिपाकर सफाई कर्मी की नौकरी पाने का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी के आदेश पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने जांच पड़ताल कराई तो आरोप सच निकले और उसे 23 नवंबर 2012 को पत्र संख्या-1303/7-पं0/स्था0-सफाई कर्मी/2012-13 के आदेश पर पद से बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन ताज्जुब हो रहा है कि बर्खास्तगी के बाद अब भी वह गांव पंचायत मूड़ी के मजरा खुजमरिया में इसी पद पर तैनात है और ग्राम प्रधान की कृपा से हर माह सरकारी वेतन भी आहरण कर रही है।




इस सफाई कर्मी पर नौकरी के दौरान वृद्धा पेंशन के रूप में वर्ष 2008-09 इलाहाबाद यू.पी. ग्रामीण बैंक गुढ़ाकला के खाता संख्या-5193 के जरिए मु0-4500/- निकालने आहरण करने की पुष्टि हुई थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वह वृद्ध थी और पेंशन की पात्र थी तो उसे नौकरी कैसे मिल गई? हालांकि नियुक्ति के मामले में किस स्तर से गड़बड़ी हुई, इसका दोषी कौन है? उसके खिलाफ कोईकार्रवाई न किए जाने से ही वह बर्खास्तगी के बाद भी पद पर बनी हुई है।

मौजूदा जिला पंचायतराज अधिकारी बांदा का कहना है कि ‘संज्ञान में आया है, इस मामले की जांच कराई जाएगी।’ वह यह भी कहते हैं कि ‘हो सकता है कि शासन स्तर से उसे बहाल कर दिया गया हो।’

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट