उप्र : दलित युवक की हत्या में 3 को आजीवन कारावास

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने सत्रह साल पूर्व दलित युवक की सरेआम गोली मारने के बाद पत्थर से कुचल कर हत्या किए जाने के मामले में आरोप साबित होने पर तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह सेंगर ने बताया, “23 जुलाई 1999 की दोपहर बाद बिसंड़ा कस्बे का दलित युवक देशराज कोरी किसी काम से बाजार आया था, उसी कस्बे के शौकत अली, लाल खां, इंसाफ अली, मइयादीन और दशरथ ने रंजिशन उसे घेर कर पहले गोली मारी फिर पत्थर से सिर कुचल कर उसकी हत्या कर दी।”




उन्होंने बताया, “पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। एससीएसटी एक्ट विशेष न्यायालय के न्यायाधीश डीपीएन सिंह ने शुक्रवार को अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद शौकत अली, लाल खां और मइयादीन को हत्या और एसएसीएसटी एक्ट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की कैद व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना किया है। इंसाफ अली और दशरथ को बरी कर दिया गया है।”

बाँदा से रामलाल जयन की रिपोर्ट