बागै नदी में हो रहा बालू का अवैध खनन, पहरेदारी में दरोगा तैनात!

नरैनी। उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के राजापुर-रामपुर मुर्दी गांव में बागै नदी से अंधाधुंध बालू का अवैध खनन हो रहा है। खनन माफियाओं की पहरेदारी में बकायदा पुलिस का एक उपनिरीक्षक की तैनाती की गई है। खनन में बीस ट्रैक्टर लगाए गए हैं।




उच्च न्यायालय इलाहाबाद और एनजीटी में मामला होने के बाद भी यहां बालू माफिया पुलिस की पहरेदारी में दिन-रात खनन में जुटे हैं। रामपुर मुर्दी के एक ग्रामीण ने बताया कि ‘मोतियारी गांव का मजरा राजापुर बागै नदी के किनारे बसा हुआ है, बागै नदी पार कर राजापुर से नौगवां गांव जाने के लिए सरकारी सीसी रोड़ बनी है। अवैध बालू के खनन में माफिया इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस ग्रामीण ने बताया कि ‘रोजाना दो बजे तड़के से दस बजे सुबह तक बेधड़क बीस ट्रैक्टर बालू की ढुलाई में लगाए गए हैं। बालू माफियाओं का कोई विरोध न कर सकेे, इसके लिए नरैनी कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक और दो सिपाही बकायदे गश्त के बहाने पहरेदारी में लगे हैं।’ रामपुर मुर्दी और दशरथ पुरवा के ग्रमीणों की मानें तो बालू की आपूर्ति पिपरहरी के रास्ते अतर्रा, गांखिया, पल्हरी, हड़हा-कबौली, पचोखर, लोधौरा आदि तीन दर्जन गांवों में की जा रही है।




इस संवाददाता ने अवैध बालूके खनन किए जाने बावत उप जिला अधिकारी नरैनी डॉ. सी.एल. सोनकर से बात की तो उनका कहना है कि ‘राजापुर घाट से अवैध बालू ढोए जाने की सूचना मिली है, लेकिन पुलिस बल उपलब्ध न कराए जाने की वजह से कार्रवाई नहीं कर पा रहे।’ उन्होंने कहा कि ‘जैसे ही पुलिस बल मिलता है, रोंक लगा दी जाएगी।’ अजनबी बनकर यह संवाददाता रविवार की सुबह करीब सात बजे बागै नदी के नौगवां घाट पर भी गया। जहां रामपुर मुर्दी के पास बालू लदे पांच ट्रैक्टर मिले, जो दशरथ पुरवा के रास्ते निकल गए और घाट में तीन ट्रैक्टर बालू भर रहे थे।

इस संवाददाता ने जब एक ट्रैक्टर चालक से बालू खनन के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ‘नरैनी पुलिस को दस हजार रुपये प्रति माह प्रति ट्रैक्टर, गुढ़ा पुलिस चौकी को छह हजार रुपये और सात हजार रुपये अतर्रा थाना पुलिस को दिया जाता है।’ एक मजदूर ने बताया कि ‘उन्हें प्रति ट्रैक्टर-ट्राली बालू भरने में तीन सौ रुपये देहाड़ी मिलती है।’ इस प्रकार बीस ट्रैक्टर चलवाने पर पुलिस बालू माफियाओं से चार लाख बीस हजार रुपये प्रति माह वसूल रही है। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि बालू माफिया सिर्फ बागै नदी के नौगवां घाट से हर माह कई लाख रुपये की बालू निकाल कर बेंच रहे होंगे।

बाँदा से रामलाल जयन की रिपोर्ट